– हीराटोला में निर्माण गुणवत्ता पर सवाल, ग्रामीणों ने की जांच की मांग
गोंदिया :- स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण चरण-2 के तहत ग्राम पंचायत हीराटोला में वर्ष 2025-26 में जिला परिषद के सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्मित शौचालय की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के कुछ ही महीनों बाद शौचालय की स्थिति खराब होने लगी है और निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय निधि से कराए गए इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच जरूरी है। उनका आरोप है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया होता तो इतने कम समय में इसकी स्थिति खराब नहीं होती। ऐसे में निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए।
पंचायत की भूमिका पर भी सवाल:
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर ग्राम पंचायत की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरपंच माधवी डोंगरे, ग्राम पंचायत सदस्य इसुलाल पटले, अन्य सदस्यों तथा ग्राम विकास अधिकारी की भूमिका की जांच की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधितों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। व्यवस्थापन समिति के पदाधिकारी चिरंजीव (मुन्ना) बिसेन ने शौचालय निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने पंचायत समिति, जिला परिषद और स्वच्छ भारत मिशन के संबंधित अधिकारियों से स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्य की जांच करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण की स्वीकृत राशि, तकनीकी मापदंड, इस्तेमाल की गई सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता या गुणवत्ता में कमी सामने आती है तो संबंधितों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।





