– फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप, सात के खिलाफ मामला दर्ज
नागपुर :- नागपुर महानगरपालिका में कनिष्ठ लिपिक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 26 वर्षीय युवक से 12 लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवक की परीक्षा कराने के बाद उसे फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया। नौकरी नहीं मिलने और रकम वापस मांगने पर टालमटोल करने के आरोप में शांतिनगर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार श्रीहरी रोड, मुदलियार चौक निवासी निखिल संदीप मसरके (26) की वर्ष 2025 में आरोपी विनोबा भावे नगर, यशोधरानगर निवासी प्रतीक युवराज उराडे (25) से पहचान हुई थी। प्रतीक ने निखिल को बताया था कि उसका एक मित्र मेट्रो रेल और मनपा में नौकरी लगवा सकता है। सितंबर 2025 में निखिल ने नागपुर मनपा में कनिष्ठ लिपिक पद की भर्ती का विज्ञापन देखा और प्रतीक से संपर्क किया। इसके बाद प्रतीक ने निखिल और उसके पिता की इतवारी रेलवे स्टेशन के पास कार में अमरावती निवासी विषाल जाधव (35) तथा एक अन्य व्यक्ति से मुलाकात कराई। आरोपियों ने नौकरी लगवाने के लिए 18 लाख रुपये की मांग की। बाद में निखिल 12 लाख रुपये देने के लिए तैयार हो गया।
शिकायत के अनुसार, इसके बाद प्रतीक और उसके साथियों ने निखिल की चंद्रपुर में परीक्षा कराई तथा नागपुर मनपा का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। 1 सितंबर 2025 से 1 जुलाई 2026 के बीच आरोपियों ने ऑनलाइन और नकद माध्यम से कुल 12 लाख रुपये लिए। इसके बावजूद नौकरी नहीं लगाई गई। रकम वापस मांगने पर भी आरोपी टालमटोल करते रहे। अपने साथ धोखाधड़ी होने की बात समझ में आने पर निखिल ने शांतिनगर पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने प्रतीक उराडे, विषाल जाधव, स्वप्निल सहारे (30), रोशन वानखेड़े (30), दिगंबर शिंदे (25), सचिन राठौड़ (35) और अरविंद चौधरी (40), निवासी शंकरनगर, धरमपेठ, नागपुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।








