spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

बैंगनी की जगह काली स्याही का इस्तेमाल

नागपुर :- विधान परिषद के नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदान के दौरान स्याही के रंग को लेकर एक मामला सामने आया है। प्रशासन की ओर से मतदान के लिए बैंगनी स्याही वाले पेन का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद गड़चिरोली जिले के देसाईगंज स्थित एक मतदान केंद्र पर बैंगनी स्याही के बजाय काली स्याही वाले पेन का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस केंद्र पर लगभग 400 मतदाताओं ने मतदान किया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के बीच चर्चा हुई। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार, संबंधित पेन निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री में शामिल था, इसलिए इन मतों को वैध माना गया।

देसाईगंज केंद्र पर स्याही के रंग को लेकर चर्चा

मतदान प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को बैलेट पेपर पर अपनी पसंद के उम्मीदवारों के सामने निर्धारित तरीके से वरीयता अंकित करनी थी। इसके लिए प्रशासन की ओर से विशेष पेन उपलब्ध कराए गए थे। निर्देशों के अनुसार, बैंगनी रंग की स्याही वाले पेन का इस्तेमाल किया जाना था।

हालांकि, गड़चिरोली जिले के देसाईगंज स्थित मतदान केंद्र पर काली स्याही वाले पेन का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। बताया गया कि इस केंद्र पर लगभग 400 मतदाताओं ने मतदान किया था। मामला सामने आने के बाद निर्वाचन विभाग में इस संबंध में चर्चा हुई।

निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, संबंधित पेन निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराया गया था। इसी आधार पर संबंधित मतों को वैध माना गया। हालांकि, इस मामले में किसी अलग दंडात्मक कार्रवाई या विस्तृत जांच की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

मतगणना के दौरान संदिग्ध बैलेट पेपर की अलग जांच

मतगणना के दौरान प्रत्येक बैलेट पेपर उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को दिखाया जा रहा है। जिन बैलेट पेपर की वैधता को लेकर संदेह उत्पन्न होता है, उन्हें अलग टेबल पर रखकर उनकी जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया के दौरान कुछ बैलेट पेपर पर मतदाताओं द्वारा अलग-अलग तरीके से निशान लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

कुछ मतदाताओं ने मतपत्र पर किसी भी उम्मीदवार को वरीयता नहीं दी और उसे खाली छोड़ दिया। वहीं, एक बैलेट पेपर पर निर्धारित वरीयता अंकित करने के बजाय ‘राइट’ का निशान लगाए जाने की बात सामने आई। कुछ मतपत्रों में क्रमांक लिखकर उसके चारों ओर गोला बनाया गया, जबकि कुछ मतदाताओं ने उम्मीदवारों के फोटो के पास ही अपनी पसंद का क्रम अंकित किया।

Popular Articles