– बाराभाई हिंगाना में शिकार, मादा तेंदुए और शावक की मौजूदगी के संकेत
नागपुर :- पारशिवनी, कामठी और सावनेर तहसील के गांवों में तेंदुओं की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। मंगलवार, 3 नवंबर को वाघोडा गांव में किसान ज्ञानदेव गेडाम के खेत में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ कैद हो गया। वहीं, इसी दिन बाराभाई हिंगाना में एक अन्य तेंदुए ने बछड़े का शिकार कर लिया। घटनास्थल पर मिले पदचिह्नों के आधार पर वनकर्मियों ने मादा तेंदुए और उसके शावक की मौजूदगी की आशंका जताई है।
वाघोडा में पकड़े गए तेंदुए को वन विभाग की टीम ने नागपुर स्थित ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर भेज दिया है, जहां उसकी जांच और आवश्यक उपचार किया जाएगा।
बाराभाई हिंगाना में अतिरिक्त पिंजरा
बाराभाई हिंगाना में बछड़े के शिकार की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पदचिह्नों की जांच में मादा तेंदुए और उसके शावक की मौजूदगी के संकेत मिले। इसके बाद वन विभाग ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में एक अतिरिक्त पिंजरा लगाया है। इससे पहले भी यहां तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया था।
तीन तहसीलों के गांवों में बढ़ी चिंता
कामठी तहसील के बिना संगम और वारेगांव, सावनेर तहसील के भानेगांव, गोसेवाड़ी, ईसापुर, पोटा और रोहणा तथा पारशिवनी तहसील के डोरली, सिंगोरी, वाघोडा, बाराभाई हिंगाना और सावली गांवों में तेंदुओं की गतिविधियां सामने आ रही हैं। पशुओं पर लगातार हो रहे हमलों से किसान और ग्रामीण चिंतित हैं।
वन विभाग के जे.पी. मेंढे के अनुसार, वाघोडा में एक तेंदुए के पकड़े जाने से क्षेत्र में पशुओं पर हमले कम होने की उम्मीद है। हालांकि, अन्य तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से सतर्क रहने और तेंदुआ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।








