– दो अर्बन वित्तीय संस्थाओं पर 2.11 करोड़ ठगी का आरोप
नागपुर :- पदविधर महिला अर्बन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, नागपुर और संचिता अर्बन निधि लिमिटेड पर 16 जमाकर्ताओं के 2 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपये वापस नहीं करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित जमाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की अवधि पूरी होने के बाद भी संस्थाओं द्वारा उनकी मूल जमा राशि नहीं लौटाई जा रही है।
इस संबंध में जमाकर्ताओं ने पत्रपरिषद में बताया कि 16 लोगों ने दोनों संस्थाओं में कुल 2 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपये की सावधि जमा की थी। एफडी की अवधि पूरी होने के बाद जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो उन्हें अलग-अलग कारण बताकर टाल दिया गया। कई बार संस्थाओं के कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
जमाकर्ताओं का दावा है कि इस दौरान उन्हें बैंक के अध्यक्ष और कार्यकारी अधिकारी के लापता होने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने अन्य अधिकारियों और पदाधिकारियों से भी अपनी जमा राशि लौटाने की मांग की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। पीड़ितों के अनुसार, इस मामले में गणेशपेठ पुलिस थाने में पदविधर महिला अर्बन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी और संचिता अर्बन निधि लिमिटेड के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। हालांकि, शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप जमाकर्ताओं ने लगाया है। जमाकर्ताओं ने मांग की कि उनकी मेहनत की जमा पूंजी वापस दिलाई जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने आशंका जताई कि इन संस्थाओं में अन्य लोगों की जमा राशि भी फंसी हो सकती है। पत्रकार परिषद में सौरभ शुक्ला, नितिन घारडे, भगवत पांडे, सूर्यकांता शुक्ला, सुनील घाटे, दीपक सावरकर सहित अन्य जमाकर्ता उपस्थित थे।








