– हाईकोर्ट के निर्देश पर मनपा हर हादसे की करेगी जांच
– 246 दुर्घटनाओं ने खोला सड़कों की हकीकत का पोल
नागपुर :- शहर की सड़कों पर गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। दुर्घटनाओं में हर साल सैकड़ों जान जा रही है। यह स्थिति सिर्फ नागपुर नहीं, बल्कि संपूर्ण राज्य में हैं। ऐसे में मुंबई उच्च न्यायालय में 2013 में इसे लेकर एक जनहित याचिका और 2019 में एक अवमानना याचिका दायर हुई थी। महानगरपालिका सहित राज्य की सभी स्थानीय निकाय संस्थाओं को सड़कों के गड्डों के संदर्भ में दिए गए निर्देशानुसार स्थानीय स्तर पर समिति का गठन करना था। इस अनुसार नागपुर महानगरपालिका ने मंगलवार को छह सदस्यीय से समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष मनपा आयुक्त व प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी होंगे।
समिति में सदस्य सचिव मनपा के कार्यकारी अभियंता (यातायात) और सदस्य के रूप में जिला सेवा प्राधिकरण के सचिव, सहपुलिस आयुक्त, मनपा के मुख्य अभियंता, मनया के विधि अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति प्राप्त वाथों पर यानी शिकायतों पर से निर्णय लेकर समाधान करेगी। इस संबंध में मनपा एवं प्रशासन ने मंगलवार को एक विज्ञापन जारी कर भी नागरिकों को गड्ढों पर समिति गठित होने की सूचना भी दी है। गड्ढों के कारण नागपुर सहित राज्य में हर वर्ष सैकड़ों मौतें होती हैं, किन्तु इसकी कोई सुनवाई नहीं होती। हर साल औपचारिकता मानकर मनपा प्रशासन गड्ढे भर लेता है और पुलिस प्रशासन अपनी कार्रवाई पूरी कर लेता है। किन्तु पीड़ितों को व्याय नहीं मिल पाता है। ऐसे में समय-समय पर न्यायालय में इसे लेकर वाधिका होती रही है। 2013 में ऐसी ही एक याचिका मुंबई उच्च न्यायालय में दायर हुई। 2019 में इस मामले में अवमानना याचिका दायर हुई थी। इस अनुसार मनपा ने 6 सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो गड्ढों के कारण होने वाली मौत के दावों पर सुजवाई करेगी।
समिति तय करेगी कि गड्ढों के कारण मौत हुई हे या नहीं? अगर गड्ढों के कारण मौत हुई है, तो उसके परिवार को नुकसान भरपाई तय करेगी। इसी तरह अगर दुर्घटना में घायल या गंभीर जख्मी होता है तो उसके लिए भी मुआवज तय करेगी। इसके लिए संबंधित व्यक्ति या परिवार को मनपा या जिला विधि सेवा प्राधिकरण में आवेदन करना होगा। मनपा द्वारा समिति बनाने से अब लोगों को गड्ढों के कारण होने वाले हादसों में ग्याय के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा।
बिल्डरों पर भी गिरेगी गाज
हाल में हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने स्वयं संज्ञान लेते हुए आपराधिक जनहित याचिका दायर की है। इस मामले में हुई सुनवाई में पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंगल ने शपथ-पत्र दायर करते हुए कोर्ट को बताया था कि, पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष नागपुर शहर में दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि हुई है और इस वर्ष लगभग 246 दुर्घटनाएं हुई हैं। शहर में सड़कों पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण बने गड्डों और जगह-जगह पड़ी निर्माण सामग्री के कारण दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ गई है। इसलिए, यदि शहर में दुर्घटना निर्माण के कारण होती है, तो संबंधित बिल्डर को जिम्मेदार ठहराने और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिल्डरों से समन्वय के लिए थाना स्तर पर एक कमेटी बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं।




