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आचार्य देवव्रत ने गर्वनर पद की संस्‍कृत में ली शपथ…..

मुंबई १५: सीपी राधाकृष्‍णन के इस्‍तीफे के बाद महाराष्‍ट्र को नया राज्‍यपाल मिल चुका है। आचार्य देवव्रत ने सोमवार को महाराष्ट्र के नए राज्यपाल के रूप में पदभार संभाल लिया है। राजभवन के 22वें प्रमुख बने हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पिछले सप्ताह देवव्रत को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में अतिरिक्त प्रभार सौंपने की घोषणा की थी। वह जुलाई 2019 से गुजरात के राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं और अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ-साथ महाराष्ट्र के राज्यपाल के कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
मुंबई में‍ स्थित राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पहले राष्‍ट्रगान और महाराष्‍ट्र राज्‍यगीत गाया गया, इसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर ने उन्‍हें राज्‍यपाल पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। देवव्रत ने संस्कृत में शपथ ली। जानते हैं लगातार तीसरे राज्‍य के गवर्नर बने आचार्य कितने पढ़े-लिखे हैं और ये किस राज्‍य से रखते हैं ताल्‍लुक?

आचार्य देवव्रत को सीएम ने दी बधाई
ध्‍यान रहे देवव्रत ने सीपी राधाकृष्णन का स्थान लिया है, जो तमिलनाडु के एक वरिष्ठ भाजपा नेता हैं और जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल थे। आचार्य देवव्रत के शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा अजीत पवार ने नए राज्यपाल को बधाई दी। इस अवसर पर विधान परिषद के अध्यक्ष राम शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोर्हे, वरिष्ठ मंत्री, शीर्ष नौकरशाह और भारतीय नौसेना के कर्मी भी उपस्थित थे।

आचार्य देवव्रत कितने पढ़ें-लिखें हैं?
आचार्य देवव्रत एक शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे नेचुरोपैथी और योग विज्ञान के प्रस्तावक भी हैंइतिहास और हिंदी में स्नातकोत्तर डिग्री, बी.एड. की डिग्री, योग विज्ञान में डिप्लोमा और नेचुरोपैथी तथा योग विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है। देवव्रत गुरुकुल शिक्षा और प्राकृतिक खेती की पहल से जुड़े रहे हैं, और कई सामाजिक तथा शैक्षिक कार्यक्रम भी चलाते हैं।

किस राज्‍य से ताल्‍लुक रखते हैं आचार्य देवव्रत
66 वर्षीय आचार्य देवव्रत का जन्‍म जन्म 18 जनवरी 1959 को समालखा , पंजाब जो अब हरियाणा में है, वहां हुआ था। राजनीतिज्ञ और पूर्व शिक्षक आचार्य आर्य समाज के प्रचारक हैं और इससे पहले हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक गुरुकुल के प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत थे। इसके बाद ही 2015 में अपनी मातृभूमि हिमाचल प्रदेश के राज्‍यपाल नियुक्‍त किए थे।

आचार्य देवव्रत लगातार तीसरी राज्‍य के बने राज्‍यपाल?
जुलाई 2019 से गुजरात के राज्यपाल हैं और इससे पहले अगस्त 2015 से जुलाई 2019 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में कार्य कर चुके हैं। महाराष्‍ट्र लगातार तीसरा राज्‍य है जहां के वो गवर्नर नियुक्‍त किए गए हैं। जब तक महाराष्ट्र के लिए पूर्णकालिक राज्यपाल की नियुक्ति नहीं हो जाती, देवव्रत गुजरात के राज्यपाल के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन जारी रखेंगे, साथ ही महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।

 


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