– रायपुर में 23.35 करोड़ की संपत्तियां अटैच
रायपुर :- भारत माला परियोजना से जुड़े जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने करीब 23.35 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच कर ली हैं. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के तहत की गई है. मामले में जमीन मुआवजे के नाम पर बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया है. ED की जांच में खुलासा हुआ है कि सरकारी अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से यह खेल खेला गया. अब इस पूरे नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं.इस पूरे मामले की जांच एक FIR के आधार पर शुरू हुई थी, जिसे छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) ने दर्ज किया था. इसमें भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं. इस केस में पहले ही रायपुर की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. इसमें हरमीत सिंह खनुजा और अन्य आरोपियों के नाम सामने आए थे. ED ने इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई.
जांच में सामने आया कि रायपुर-विशाखापत्तनम नेशनल हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान एक बड़ी साजिश रची गई थी. इसमें जमीन दलालों, निजी व्यक्तियों और कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत बताई जा रही है. आरोप है कि मुआवजे की रकम बढ़ाने के लिए जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर किया गया. इस साजिश के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया.








