– ईद, गुड़ी पड़वा से अंबेडकर जयंती तक—सद्भाव बनाए रखने पर जोर
– सामाजिक संगठनों की अपील: त्योहारों को सेवा और सहयोग का माध्यम बनाएं
नागपुर :- नागपुर जिला नियोजन भवन सदर में पुलिस आयुक्त डॉक्टर रविन्द्र कुमार सिंगल के नेतृत्व में रमजान माह की ईद उल फितर, हिन्दू नववर्ष गुड़ी पाड़वा, श्री रामनवमी, हनुमान जयंती, महावीर जयंती, भारतरत्न डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती आदि सभी धर्मो के त्योहारों पर कानून व्यवस्था बनी रहे सभी त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं जाएं. इसके लिए महत्वपूर्ण बैठक केन्द्रीय शांतता समिति पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धर्म गुरुओं संग आयोजित की गई इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त ने महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की और कानून न्याय व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने की बात कही और विभिन्न गंभीर अपराधों पर रोक लगाने की वकालत करते हुए अपने विचारों को व्यक्त किया.
उसी प्रकार बैठक में उपस्थित पुलिस शांतता समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी, राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों किंग कोबरा ऑर्गेनाइजेशन यूथ फोर्स, राष्ट्र निर्माण की और दो कदम, नारी शक्ति एक सम्मान, पशु क्रूरता के खिलाफ जंग, राष्ट्रीय धर्म सर्वोपरि नागपुर महाराष्ट्र, राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण भारत के संस्थापक अध्यक्ष अरविंद कुमार रतूड़ी ने उपस्थित सभी गणमान्य लोगों से अपील करते हुए कहा कि, कोई भी धर्म पंथ मजहब प्रांत का त्योहार हो उसे प्रतिस्पर्धा, उन्माद पैदा करने का विषय ना बनाएं बल्कि सादगी, पावनता, पवित्रता और आपसी सोहार्द से मनाते हुए गरीब निर्धन परिवारों और जरूरतमंदों की विभिन्न प्रकार की जीवन आवश्यक सामग्री से मदद करते हुए किसी गरीब परिवार के बेटा या बेटी की शादी, शिक्षा, स्वास्थ का खर्च उठाते हुए मनाएं और त्योहार एवं धार्मिक मजहबी रैली जुलूस के आयोजकों को रक्तदान, देहदान, अंगदान, नेत्रदान, शिक्षा सामग्री दान,नशा मुक्त शिविरों का आयोजन करना चाहिए और लोगों को इन विषयों पर जागरूक करना चाहिए और महापुरुषों महान क्रांतिकारी मां भारती के रणबांकुरे शूरवीरों की जीवनी पर नुक्कड़ नाटक और निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित करवानी चाहिए जिससे कि बच्चे और युवा पीढ़ी ग़लत मार्ग पर ना भटके उसी प्रकार सभी नागरिकों को अपने कर्तव्य का पालन करते हुए विभिन्न प्रकार के अपराधों को रोकने, कानून न्याय व्यवस्था सुधारने के लिए कार्य करना चाहिए और ये संविधानिक कार्य करने के लिए किसी वर्दी और वेतन की जरूरत नहीं है बल्कि अपने अंदर के योद्धा को जगाने की जरूरत है हमें बिन पगारी फुल अधिकारी बनने की जरूरत है।
नागपुर में लगभग 33 पुलिस थाने है और हर थाने के अंतर्गत लगभग 2 लाख की आबादी है और उस आबादी की सुरक्षा और अपराध रोकने के लिए लगभग 13० वरिष्ठ, कनिष्ठ पुलिसकर्मी है और पूरे शहर में लगभग 4० पीआई ,1०० एपीआई, 32० पीएसआई, 5०० एएसआई, 21 एसीपी, 1० डीसीपी, 1 आयुक्त, 2 अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और लगभग 7343 पुलिस कर्मी है लगभग 7०० पुलिस कर्मियों की जरूरत है और ये कमी हम लोगों ने इन सभी पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर पूरी करनी होंगी अपने नागपुर महाराष्ट्र को स्वस्थ सुंदर और सुरक्षित रखने के लिए इसके अलावा रतूड़ी जी त्योहारों पर डिजे साउंड सिस्टम गीत संगीत वाद्ययंत्र बजाने का भी गंभीर संवेदनशील मुद्दे पर अपनी राय बेबाकी से रखी इस बैठक में सभी वरिष्ठ कनिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे




