spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

आरटीई अंतर्गत 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू

– 614 शालाओं में 25% कोटा पर ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य

नागपुर :- बालकों को मुफ्त व सख्तीकी शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत (आरटीई) कमजोर व वंचित घटकों के बालकों को स्वयं अर्थिसहायित शाला, बिना अनुदानित शालाओं में 2०26-27 इस वर्ष के लिए प्रवेश प्रक्रिया अंत में मंगलवार 17 फरवरी से शुरू हुई है.

सरकार ने प्राथमिक शिक्षा संचालक को गुयवार को निर्णय द्वारा प्रवेश प्रक्रिया के लिए मंजूरी दी है. सरकार के आदेश के अनुसार इस बार प5ति छात्र 17,6०० रू. शुल्क शालाओं को दिया जाएगा. प्रवेश प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है. पालक आवेदन करते समय एक कि.मी. की दूरी वाली शाला का चयन नही कर सकते, ऐसा प्रावधान प्रणाली में किया गया है. आवेदन भरते समय छात्र के घर के पास से एक किलोमीटर के दायरे में ही गुगल लैंडमार्क पर दर्शाये अनुसार आवेदन भरना होगा, ऐसी व्यवस्था की जानेवाली है. इस बार की प्रवेश प्रक्रिया को दो महीने देरी हुई है. नागपुर शहर और जिले की 614 शालाओं के प्रवेश के लिए छात्र आवेदन कर सकते है. आवेदन करते समय वंचित घटकों के उम्मीदवारों की आय की मर्यादा की शर्त रद्द की गई है.

आरटीई अंतर्गत कमजोर और वंचित घटकों के बालाकें को स्वयं अर्थसहायित शाला, बिनाअनुदानित शालाओं में कक्षा पहली अथवा पूर्व प्राथमिक कक्षाा इन स्तर पर 25 प्र.श.ऑनलाइन आवेदन भरने की प्रक्रिया पूर्ण करना आवश्यक है.

वंचित घटकों के बालकों में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाती (एसटी), विमुक्त जाति (अ), घुमंतू जनजाती (ब), (क), (ड), अन्य पिछड़ावर्ग (ओबीसी), विशेष पिछड़ावर्ग (एबीसी), आर्थाीक व साामजिक दृष्टि से परिछडा घटक, एचआईवी बाधित अथवा प्रभावित बालक, अनाथ बालक, दिव्यांग बालक अथवा कोविड प्रभावति बालाकें का समावेश होता है. वही आर्थिक वर्ष में पालकों की वार्षिकआय एक लाख से कम है ऐसे बालकों का आर्थिक कमजोर गुट में समावेश होता है.

बालकों के पालकों को उनके निवास के स्थान से एक कि.मी. से कम दूरी की शाला (हवाई दूरी) आरटीई पोर्टल पर दिखेगी.


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.

Copyright Disclaimer: If Any Image, video or article belongs to its respective owner/creator. Full credit goes to the original creator. No copyright infringement intended.