– किया रास्ता रोको और चक्का जाम आंदोलन
चंद्रपुर :- चंद्रपुर जिले के घुग्घुस थाना क्षेत्र के नागाळा गांव में कथित वैध और अवैध कोल डिपो के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़क पर फूट पड़ा है। गांव में वर्षों से चल रहे कोयले के काले कारोबार और प्रदूषण से परेशान ग्रामीणों ने जोरदार रास्ता रोको और चक्का जाम आंदोलन किया। बड़ी संख्या में महिलाएं, किसान, युवा और छात्र आंदोलन में शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नागाळा गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब 15 वर्षों से क्षेत्र में 25 से 30 वैध और अवैध कोल डिपो खुलेआम संचालित किए जा रहे हैं। इन डिपो से उड़ने वाली कोयले की काली धूल ने पूरे गांव का जीवन प्रभावित कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषण के कारण गांव में दमा, टीबी, आंखों में जलन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि किसानों की कपास और सोयाबीन जैसी फसलें भी बर्बाद हो रही हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोल डिपो संचालकों ने किसानों के खेतों तक जाने वाले सरकारी रास्तों पर भी अतिक्रमण कर दीवारें खड़ी कर दी हैं, जिससे खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि महामार्ग किनारे और बिजली डीबी के पास खुलेआम नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, लेकिन प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के चलते कार्रवाई नहीं हो रही।
इसी बीच तहसील कार्यालय चंद्रपुर का वर्ष 2016 का एक आदेश भी सामने आया है, जिसमें मौजा नागाळा की जमीन को “वाणिज्य उपयोग” के लिए एनए अनुमति दिए जाने का उल्लेख है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वाणिज्य उपयोग की अनुमति वाली जमीन पर बड़े पैमाने पर कोयला कारोबार कैसे शुरू हुआ और प्रशासन इतने वर्षों तक चुप क्यों रहा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल को चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर वैध-अवैध कोल डिपो नहीं हटाए गए, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।