– संघ कार्यालय की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका
नागपुर :- मनुस्मृति के विरोध में युवक कांग्रेस की ओर से निकाली गई ‘संविधान सम्मान यात्रा’ के कारण बुधवार को नागपुर का राजनीतिक माहौल गरमा गया। रेशीमबाग स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय की ओर बढ़ रहे मोर्चे में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान भाजपा और संघ के विरोध में जोरदार नारेबाजी की गई।
एनआईटी कर्मचारी सांस्कृतिक भवन से शुरू हुआ मोर्चा रेशीमबाग की ओर बढ़ रहा था। सुरेश भट सभागृह के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। मोर्चा रोके जाने के बाद कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। ‘दादागिरी नहीं चलेगी’ और ‘माफी मांगो’ जैसे नारों से परिसर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर कथित बयान पर भाजपा और आरएसएस से माफी मांगने की मांग की।
मनुस्मृति का दहन
आंदोलन के दौरान युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति का दहन कर विरोध जताया। कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में संविधान की प्रतियां थीं। युवक कांग्रेस के अनुसार, संविधान के सम्मान और उसके महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से यह यात्रा निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश का शासन संविधान के अनुसार ही चलना चाहिए, न कि मनुस्मृति के विचारों के आधार पर। साथ ही खरगे के संबंध में कथित टिप्पणी को लेकर भाजपा से माफी की मांग दोहराई।
बड़ी संख्या में युवतियां भी शामिल
महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष शिवराज मोरे और प्रदेश सहप्रभारी नवज्योत सिंह संधू के नेतृत्व में आयोजित मोर्चे में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में युवतियां भी शामिल हुईं। आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मोर्चा रोकने के दौरान कुछ समय के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। आंदोलन के चलते शहर में राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया।





