spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

NIT में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप -शिवसैनिकों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

नागपुर :- नागपुर सुधार प्रन्यास के कार्य में गंभीर अनियमितता, देरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए शिवसेना के शिवसैनिक निरंजन दिवाण दहिवले ने प्रन्यास के अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष प्रशासनिक जांच की मांग की है। दहिवले ने 30 जुलाई 2026 को जारी पत्र में कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कार्यकारी अधिकारी अनिल राठोड द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि संबंधित अधिकारियों का पक्ष लिया जा रहा है।

शिकायत में कार्यकारी अधिकारी अनिल राठोड, दीपाली पिसे, नीलम तथा संबंधित चालक पिसे के कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कराकर दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। इसके साथ ही प्रन्यास के अध्यक्ष संजय मीना, शिवानी बरई और धर्मेंद्र चुटे की कार्यशैली पर भी नागरिकों में संदेह व्यक्त किया गया है।

मुख्य आरोप और मुद्दे

इमारत निर्माण परवाना में देरी: मौजा वाठोडा, खसरा क्रमांक 124/2, कामाक्षी को-ऑप सोसायटी के लिए 21 जून 2024 को आवेदन दिया गया था। 5 नवंबर 2024 को 1,28,478 रुपये की मांग जमा कराने के बाद भी परवाना नहीं मिला। 2 जनवरी 2026 को कनिष्ठ अभियंता शिवानी बरई ने परवाना मंजूर किया था, लेकिन “कॉमन वॉल” का कारण बताकर उसे रद्द कर दिया गया। कॉमन वॉल एनओसी देने के बाद भी आज तक अनुमति नहीं मिली।

आरएल डिमांड नहीं देना: मौजा वाठोडा की कामाक्षी, पवन, माँ भवानी और सरिता सहकारी गृह निर्माण संस्थाओं तथा मौजा पारडी के साई नगर और कैलास सहकारी संस्था के भूखंडों को 8 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी डिमांड और आरएल नहीं दिया गया। अधिकारियों पर केवल टालमटोल का आरोप है।

गुटेवारी विभाग में दुर्व्यवहार: दीपाली पर नागरिकों से अभद्र भाषा का प्रयोग करने और बिना कार्य पूरा किए फाइलें वापस भेजकर परेशान करने का आरोप है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मुद्रांकिका उपलब्ध न होना: गुटेवारी विभाग की नीलम के पास वाठोडा, भारतवाडा और पारडी क्षेत्र का कार्य है, लेकिन कार्यालय में नियमित मुद्रांकिका उपलब्ध न होने से नागरिकों के काम लटक रहे हैं।

ठेका कर्मचारियों का शोषण: विदर्भ इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी के माध्यम से रखे गए कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य कर्मचारियों को 20,000 रुपये मासिक वेतन मिलना है, लेकिन समय पर भुगतान नहीं हो रहा। आरोप है कि वेतन मिलने के बाद सुपरवाइजर प्रत्येक कर्मचारी से 4,000 रुपये मांगता है।

पत्र में कहा गया है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो नागपुर सुधार प्रन्यास कार्यालय के पार्किंग परिसर में लोकतांत्रिक तरीके से धरना आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन के दौरान होने वाली किसी भी घटना की जिम्मेदारी प्रन्यास प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।

दहिवले ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन प्रशासनिक जांच कराकर दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए, ताकि नागरिकों को न्याय मिल सके।


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.

Copyright Disclaimer: If Any Image, video or article belongs to its respective owner/creator. Full credit goes to the original creator. No copyright infringement intended.