– विकास नागपुरे ने 11 साथियों के साथ किया आत्मसमर्पण
गोदिया :- एंटी नक्सल अभियान में लगे सुरक्षाबलों को शुक्रवार रात को बड़ी कामयाबी मिली है। महाराष्ट्र मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ विशेष जोनल कमेटी के प्रवक्ता अनंत उर्फ विकास नागपुरे सहित 11 नक्सलियों ने गोंदिया पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। गोंदिया क्षेत्र के पुलिस महानिदेशक अंकित गोयल के सामने सभी नक्सलियों ने हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया। उल्लेखनीय है कि, सभी नक्सलियों पर विविध राज्यों ने 89 लाख का इनाम रखा हुआ था। ज्ञात हो कि, महाराष्ट्र में केंद्रीय कमेटी सदस्य भूपति उर्फ सोनू दादा और छत्तीसगढ़ में रूपेश दादा के आत्मसमर्पण सहित खूंखार नक्सली हिडमा की मौत से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा था। नक्सली लगातार आत्मसंपर्पण करने लगे। इसी को देखते बीते दिनों मध्यप्रदेश महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ विशेष जोनल समिति ने आत्मसमर्पण करने की इच्छा जताई। एमएमसी जोनल कमेटी के प्रवक्ता अनंत ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर 15 फरवरी तक का समय मांगा। जिससे सभी साथियों के साथ सामूहिक आत्मसमर्पण किया जा सके। हालांकि, छत्तीसगढ़ सरकार ने मांग को ठुकरा दिया और केवल 15 दिनों की बात कही।
वहीं इसके बाद गुरुवार को दोबारा पत्र लिखकर अनंत ने एमएमसी का पक्ष रखा और एक जनवरी 2026 तक का समय मांगते हुए साथियों के साथ आत्मसमर्पण करने की बात की। इस दौरान अनंत ने मीडिया चैनलों से बात करते हुए यह भी कहा था कि, तीनों राज्यों की सरकार उनके पुनर्वास को लेकर अच्छा प्रस्ताव देगी उसके सामने आत्मसमर्पण किया जाएगा।
पत्र जारी कर मांगी थी एक जनवरी तक मोहलत
पत्र में अनंत ने एमएमसी विशेष जोनल समिति का पक्ष रखते हुए एक जनवरी तक का समय मांगा था। जिससे सभी साथियों के साथ जो तीनों राज्यों में फैले हुए हैं, उनसे संपर्क कर एक साथ आत्मसमर्पण कर सकें। इस दौरान उसने जहां पुलिस से कार्रवाई नहीं करने की मांग की थी, वहीं साथियों से टुकड़ियों में आत्मसमर्पण नहीं करने की बात कही थी। हालांकि, पत्र जारी करने के 36 घंटे के अंदर अनंत उर्फ विकास नागपुरे ने अपने 11 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। न केवल आत्मसमर्पण किया बल्कि हथियारों के साथ मुख्यधारा में लौटे। भूपति के आत्मसमर्पण के बाद से हथियारों के साथ नक्सलियों का आत्मसमर्पण पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी है।




