– CET और अन्य परीक्षाओं के लिए अपार आईडी अनिवार्य: बिना आईडी नहीं भरेगा फॉर्म
– छात्रों के लिए बड़ी चेतावनी : जिनकी अपार आईडी बाकी, उनके लिए विशेष शिविरों का आयोजन
नागपुर :- विद्यार्थियों के अपार आईडी यानी ‘स्वचालित स्थायी शैक्षणिक खाता पंजीकरण संख्या’ जारी करने का कार्य 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है. शिक्षा विभाग ने इस कार्य को पूरा करने के लिए 3० जनवरी की समय सीमा निर्धारित की है और प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों को अपार आईडी से संबंधित रिपोर्ट प्रतिदिन लेने के निर्देश दिए गए हैं. शहर में छात्रों के अपार आईडी जारी करने का काम पूरा हो चुका है और 95 प्रतिशत छात्रों के आधार सत्यापन का काम भी पूरा हो गया है. हालांकि, शहर के कई छात्रों के अपार आईडी जारी करने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है. इसलिए, केंद्रीय शिक्षा सचिव ने इस संबंध में बैठक बुलाकर अपार आईडी जारी करने का काम तुरंत पूरा करने का आदेश दिया है. जिला, तालुका और केंद्रीय स्तर पर शिविर आयोजित करके लंबित छात्रों के अपार आईडी जारी करने का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन को देखते हुए, प्रत्येक छात्र का अपार आईडी तैयार किया जाना चाहिए. महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षा परिषद के राज्य परियोजना संचालक संजय यादव ने यह भी सलाह दी है कि यदि पहचान पत्र प्राप्त करने में कोई कठिनाई आती है, तो प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा अधिकारी से संपर्क करना चाहिए.
12 अंकों की डिजिटल पहचान जो तय करेगी छात्रों का शैक्षणिक भविष्य
अपार आईडी के बिना सीईटी परीक्षा का आवेदन पत्र नहीं भरा जा सकता. सभी पूर्व-प्रवेश परीक्षाओं के लिए अपार आईडी अनिवार्य कर दी गई है. इसलिए, सभी छात्रों को अपार आईडी प्रस्तुत करना आवश्यक है. अपार आईडी क्या है? अपार आईडी का अर्थ है प्रत्येक छात्र को बारह अंकों की एक डिजिटल पहचान दी जाती है, जिसमें उनके सभी शैक्षणिक क्रेडिट, डिग्री और पुरस्कार डिजिटल रूप में एक ही स्थान पर सुरक्षित रहते हैं. यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत दर्ज किया जाता है और यह प्रणाली शैक्षिक यात्रा में सुगमता और पारदर्शिता लाती है.




