– राज्य में 4 लाख हेक्टेयर खेती पानी में
मुंबई :- पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र में मूसलधार बारिश ने हाहाकार मचा रखा है। मराठवाड़ा, विदर्भ और पश्चिम महाराष्ट्र समेत कई क्षेत्रों में खेत जलमग्न हो गए हैं, जिससे फसलों का भारी नुकसान हुआ है। इसके चलते किसान गहरे आर्थिक संकट में फंस गए हैं और मुआवज़े की मांग तेज हो गई है। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने आश्वासन दिया है कि दिवाली से पहले किसानों को मदद मिलेगी। मगर इसी पृष्ठभूमि पर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार पर कड़ा प्रहार किया है।
वडेट्टीवार ने कहा कि राज्य में करीब 34 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार चुनाव पूर्व दिए आश्वासन के अनुसार मदद देगी या फिर नया जीआर (शासन निर्णय) निकालकर किसानों को धोखा देगी? उन्होंने फसल बीमा योजना पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “किसानों से पैसे लेकर सरकार ने बीमा का दिखावा किया, लेकिन अतिवृष्टि से हुआ नुकसान इस योजना में कवर ही नहीं होता। नतीजतन किसानों को असल में कुछ नहीं मिलेगा। इतना अन्याय हमने पहले कभी नहीं देखा।”
प्रति हेक्टेयर 50 हजार की मांग
वडेट्टीवार ने सरकार से मांग की कि किसानों को राहत के तौर पर प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की मदद दी जाए। उन्होंने कहा, “हर दिन बादलफट बारिश हो रही है। 16 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है। ऐसे में किसानों का बचना मुश्किल है। सरकार 2 हेक्टेयर तक 13 हजार रुपये देने की बात करती है, लेकिन इससे किसानों की समस्या हल नहीं होगी। इसलिए कम से कम प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये मुआवज़ा और कर्जमाफी ज़रूरी है।”
दिवाली तक मदद का आश्वासन नाकाफी
सरकार ने दिवाली तक मदद देने का आश्वासन दिया है, लेकिन वडेट्टीवार के अनुसार किसानों की तात्कालिक ज़रूरतें देखते हुए यह नाकाफी है। उन्होंने कहा कि खेतों में अब कुछ भी बचा नहीं है, किसान हताश हो चुके हैं। इसलिए चुनावी वादों के बजाय ठोस आर्थिक मदद ही असली ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि भले ही पूरी नुकसानभरपाई संभव न हो, लेकिन कर्जमाफी और अधिकतम आर्थिक सहायता देकर किसानों को संबल देना सरकार की जिम्मेदारी है।




