– शिमला में लैंडस्लाइड, उत्तराखंड के चमोली में 14 लापता
शिमला :- हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के थाच गांव में गुरुवार देर रात बादल फटा। बाढ़ में दो गाड़ियां बह गईं। लोग रात में ही घरों से भागकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। वहीं, शिमला के एडवर्ड स्कूल के पास भी रात में लैंडस्लाइड हुई। शिमला की लाइफ लाइन कहे जाने वाली सर्कुलर रोड बंद है। एडवर्ड स्कूल की आज और कल की छुट्टी की गई है। कुमारसैन की करेवथी में भी तीन मंजिला मकान धंसा गया। राज्य में बाढ़-बारिश से अब तक 424 लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदनगर में बादल फटने की घटना के बाद करीब 35 मकान क्षतिग्रस्त हुए। 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यहां 14 लोग लापता हैं। 200 लोग प्रभावित हुए हैं। 10 लोगों मलबे में दबे होने की आशंका हैं। देहरादून-मसूरी रोड अभी भी क्षतिग्रस्त है। मसूरी में मौजूद 2 हजार के करीब टूरिस्ट्स सेफ हैं। इधर, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में रिहंद बांध इस साल पांचवीं बार ओवरफ्लो हुआ। कौशांबी में बिजली गिरने से 2 महिलाओं की मौत हुई। मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन औसत 1097.28मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश से 187.96मिमी ज्यादा है। गुना में सबसे ज्यादा 1651मिमी बारिश हुई। जबकि खरगोन में सबसे कम 665.48मिमी बारिश हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय अचानक तेज गर्जना के साथ बादल फटा और कुछ ही पलों में नाले व जलधाराएं उफान पर आ गईं। पानी के साथ बहता मलबा गांवों और सड़कों में घुस गया, जिससे सारा इलाका जलप्रलय जैसा दिखाई देने लगा। घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरातफरी फैल गई। कुछ वाहन तेज धारा में बह गए, जबकि कई गाड़ियाँ मलबे के नीचे दब गईं। मुख्य सड़कों पर जमा भारी मलबे के चलते यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रशासन और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंची हैं और राहत व बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है।
606 सड़कों पर आवागमन बंद, दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रभावित
राज्यभर में लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 606 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इनमें एनएच-3 (अटारी-लेह मार्ग) और एनएच-503ए (अमृतसर-भोटा मार्ग) जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं।
मौसम विभाग ने दी चेतावनी, लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और भी तेज़ बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। शिमला, कांगड़ा, पालमपुर, मुरारी देवी और सुंदरनगर जैसे इलाकों में गरज-बरस के साथ वर्षा दर्ज की गई है। ताबो और बजौरा क्षेत्रों में तेज़ हवाएं 33 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी-नालों और भूस्खलन संभावित स्थानों से दूर रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
मानसून का कहर: अब तक 424 मौतें, सैकड़ों घायल और लापता
इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में आपदाओं का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 46 बार बादल फटने की घटनाएं 98 बार अचानक बाढ़,146 बड़े भूस्खलन की घटनाओं और संबंधित सड़क दुर्घटनाओं में अब तक 424 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 242 मौतें बारिश और भूस्खलन के कारण और 182 जानें सड़क हादसों में गई हैं। इसके अलावा 481 लोग घायल हुए हैं और 45 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।




