– गैस मूल्य वृद्धि और कृत्रिम कमी के विरोध में तीव्र आंदोलन
नागपुर :- घरेलू और वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों, कालाबाजारी और प्रशासन की उदासीनता के विरोध में आज शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नागपुर की ओर से संविधान चौक पर एक भव्य प्रदर्शन किया गया. भारत रत्न डॉ. बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आंदोलन की शुरुआत की गयी.
आंदोलन के प्रमुख मुद्दे और मांगें
2०14 के बाद से कीमतों में भारी बढ़ोतरी
2०14 के बाद से एलपीजी गैस की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है और आज गैस आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गई है. केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण गृहणियों का बजट चरमरा गया है और इस मूल्य वृद्धि की शिवसेना ने कड़ी निंदा की है.
गैस काला बाज़ार और शासन की विफलता
नागपुर शहर और जिले में घरेलू गैस सिलेंडर का बड़ा काला बाजार है. युद्ध जैसी स्थिति का फायदा उठाते हुए कुछ एजेंसी धारक दोगुनी कीमत पर गैस बेच रहे हैं. आरोप लगाया कि आपूर्ति विभाग ने जानबूझ कर इसकी अनदेखी की है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है.
जनता का डर और जानमाल की हानि
गैस की कमी की अफवाहों से नागरिक डरे हुए हैं और गैस एजेंसियों के सामने लंबी कतारें लग रही हैं. देश में इस दौड़ में दो लोगों की जान जा चुकी है, ऐसी स्थिति नागपुर में न हो, इसके लिए सरकार को तुरंत शहर में उपलब्ध स्टॉक की मात्रा स्पष्ट कर लोगों को राहत देनी चाहिए थी.
वाणिज्यिक और ऑटो चालकों की दुर्दशा
कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने से छोटे कारोबारी संकट में हैं.
यह आंदोलन नागपुर लोकसभा क्षेत्र संपर्क प्रमुख श्री सतीश हार्डे, महानगर प्रमुख व पूर्व उपमहापौर किशोर कुमेरिया के मार्गदर्शन तथा शहर प्रमुख संदीप रियार पटेल, श्री हरिभाऊ बनैत व विक्रम राठौड़ केनेतृत्व में किया गया.
इस अवसर पर महिला जिला संगठक सुशीला नायक, गुलाब भोयर, पंकज अहिरराव, शंकरराव थुल, महेंद्र कटारे, निखिल जांभुलकर, मनोज साहू, रोहित वाघमारे, प्रवीण डिकोडवार, सुरेंद्र अंबुलकर, विकास देशमुख, पीतांबर घोलपे, परेश डाखोरे, राम कुकड़े, शाम तेलंग, मंगलताई राणे, अनिता डोंगरे, स्वाति जोडोपे, मेधा पाटिल, शिवा मुरार, पंकज चानोर, सागर चार्डे, जीवन वर्मा, हेमंत जाधव, अरविंद बालपांडे, रणवीर सिंहरा जेश जन, हरिचंद साहू सहित बड़ी संख्या में शिवसैनिक उपस्थित थे.
सरकार ने एलपीजी क्षेत्र को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है. हम सार्वजनिक रूप से इस सरकार की निंदा करते हैं और तब तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे जब तक कि हर उपभोक्ता-चाहे वह घरेलू, पेशेवर या ऑटो चालक हो-को न्याय नहीं मिल जाता.








