– देवलापार वन परिक्षेत्र अंतर्गत दुलारा में दिल दहला देने वाली घाटना
देवलापार :- नागपुर जिले की रामटेक तहसील के देवलापार वन परिक्षेत्र अंतर्गत मौजा दुलारा में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पिता और उनके सात वर्षीय बेटे की बंधारे में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों बाघ के दिखाई देने से घबराकर जान बचाने के लिए भाग रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। मृतकों की पहचान जीवन धर्मू कोकोडे (36) और उनके पुत्र जतीन जीवन कोकोडे (7) के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जीवन कोकोडे अपने पुत्र के साथ खेत में कृषि कार्य के लिए गए थे। इसी दौरान आसपास बाघ दिखाई देने की आशंका से दोनों घबरा गए और भागने लगे। अफरा-तफरी में वे पास स्थित एक बंधारे में जा गिरे। बंधारे के गहरे पानी और दलदल में फंस जाने से दोनों की डूबकर मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों के शव बाहर निकाले गए। पंचनामा और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिए गए।
गृामीणों ने की आर्थिक सहायता की मांग
हादसे के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मृतकों के परिजनों को प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपये की विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग की। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी घटनाओं के लिए वर्तमान में अलग से सहायता का प्रावधान नहीं है, लेकिन मामले को विशेष प्रकरण के रूप में शासन के समक्ष भेजने का आश्वासन दिया गया है। इस बीच वन परिक्षेत्र अधिकारी शेषराव टुले ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अपने निजी स्तर पर मृतक परिवार को अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
घटना के बाद दुलारा और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। खेती का मौसम शुरू होने के कारण किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और मृतक परिवार को विशेष आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। जीवन कोकोडे अपने पीछे मां, पत्नी और अन्य परिजनों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य की असामयिक मृत्यु से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।




