– तांडेकर के गोठे में घुसकर बछड़े का किया शिकार
– वन विभाग की कार्रवाई में देरी से ग्रामीणों में आक्रोश
नागपुर/ पारशिवनी :- पारशिवनी तहसील के बाराभाई हिंगाना गांव में तेंदुए द्वारा एक बार फिर मवेशी का शिकार किए जाने की घटना सोमवार सुबह सामने आई। गांव में इस प्रकार की यह छठी घटना है। तेंदुए की लगातार बढ़ती गतिविधियों से पूरे क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ है।
गांव के अंतिम छोर पर रहने वाले रवि जीवतू तांडेकर के घर के पास स्थित पशुओं के लिए बनाए गए गोठे में मवेशियों को बांधकर रखा गया था। सोमवार सुबह जब तांडेकर गोठे में पहुंचे, तो उन्हें एक बछड़ा मृत अवस्था में मिला। प्रारंभिक निरीक्षण में पता चला कि तेंदुए ने झाड़ियों से बने बाड़े में छेद कर भीतर प्रवेश किया और बछड़े पर हमला कर उसका शिकार किया। इससे पहले रामकृष्ण निंबालकर, चोखाराम डोंगरे, चंदू चिखले, दोबारा चोखाराम डोंगरे तथा श्रावण महल्ले के मवेशियों पर भी तेंदुए ने हमला कर शिकार किया था। ताजा घटना के साथ गांव में मवेशियों के शिकार की संख्या छह हो गई है।
घटना की सूचना मिलने पर पारशिवनी से वन विभाग के छह कर्मचारी घटनास्थल पर पंचनामा करने पहुंचे। हालांकि, तेंदुए को पकड़ने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित ग्रामीणों ने पंचनामा करने का विरोध किया। ग्रामीणों ने तेंदुए को तत्काल पकड़ने की व्यवस्था करने की मांग की। बढ़ते विरोध के चलते वन विभाग की टीम को पंचनामा किए बिना ही लौटना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो महीनों से इस क्षेत्र में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। सावनेर, कामठी और पारशिवनी तहसीलों में भी तेंदुए द्वारा मवेशियों का शिकार किए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।
जल्द बंदोबस्त करने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए तेंदुए को पकड़ने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र के विधायक आशीष जायसवाल और सांसद श्यामकुमार बर्वे से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर वन विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की अपील की है।








