– 1500 योजना पर अनिश्चितता: दो-तीन महीने से खाते खाली, सवालों में सरकार
– नए नियमों की मार: लाड़ली बहन योजना में देरी से बढ़ी लाभार्थियों की बेचैनी
नागपुर :- पिछले साल जुलाई में शुरू की गई लाड़ली बहन योजना के तहत पात्र महिलाओं के खातों में हर महीने 1,5०० रुपये जमा किए जाते थे. हालांकि, पिछले दो-तीन महीनों से किश्तें जमा नहीं हुई हैं, जिससे कई महिलाएं अपने मोबाइल फोन पर संदेश आने का इंतजार कर रही हैं. शुरुआत में इस योजना को जबरदस्त प्रतिसाद मिला था.
कई बहनों ने अपना पूरा समर्थन दिया और सरकार को आशीर्वाद भी दिया. सरकार बनने के बाद, योजना का कार्यान्वयन धीरे-धीरे शुरू हुआ. एक के बाद एक नए नियम घोषित किए गए. जिससे आर्थिक संकट मंडरा रहा है और इसका सीधा असर लाभार्थियों की संख्या पर पड़ रहा है. कुछ महिलाओं की किश्तें रुक गई हैं, जबकि अन्य के खातों में पैसा जमा होने में देरी हो रही है. इसलिए, जिन महिलाओं को नियमित रूप से किश्तें मिल रही थीं, उन्हें भी अब यह पता नहीं है कि अगली किश्त कब जमा होगी.
आज कल कई लाड़ली बहनें इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उन्हें बैंकों से कोई संदेश मिलेगा या नहीं, क्या आज ही उनके खाते में पैसा जमा हो जाएगा, आदि. कुछ जगहों पर तो यह भी चिंता है कि क्या उनकी किस्त अभी तक जमा नहीं हुई है. इस विषय पर महिलाओं के बीच चर्चा चल रही है. कई महिलाएं चिंतित हैं कि कहीं उनके नाम लाभार्थी सूची से न हटा दिए जाएं क्योंकि अभी तक उनके खातों में धनराशि जमा नहीं हुई है.
ई-केवाईसी की डेडलाइन नज़दीक
इस योजना से जुड़ी उम्मीदों और वास्तविक कठिनाइयों के बीच का अंतर अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. इसलिए, लाभार्थी महिलाएं सरकार से नियमों के बारे में स्पष्ट जानकारी देने और किश्तों के संबंध में ठोस रुख अपनाने की अपेक्षा व्यक्त कर रही हैं. गौरतलब है कि प्रिय बहनों को ई-केवाईसी के लिए 31 दिसंबर की समय सीमा दी गई है. इस समय सीमा में केवल 11 दिन शेष हैं, और ऐसा लगता है कि ई-केवाईसी कराने की होड़ मची हुई है.




