– लोग सिर्फ अधिकारियों को खबर दे सकते हैं ; उन्हें देश से बाहर भी भेजना होगा
नागपुर :- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि अवैध रूप से भारत में घुसने वाले बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों की पहचान करना और उन्हें देश से बाहर भेजना सरकार की जिम्मेदारी है।
नागरिक इस तरह के मामलों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे सकते हैं। मोहन भागवत ने यह बात रविवार को हैदराबाद में आयोजित ‘संघ यात्रा के 100 वर्ष नए आयाम’ कार्यक्रम के दौरान कही। यह कार्यक्रम RSS की शताब्दी के अवसर पर आयोजित किया गया था। हैदराबाद दौरे के दौरान भागवत ने फिल्म जगत की हस्तियों और सीनियर ब्यूरोक्रेट्स से भी मुलाकात की। दुनिया में हो रही उथल-पुथल का भारत पर न्यूनतम असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसकी वजह भारत की पारिवारिक व्यवस्था, सोना बचाने की प्रवृत्ति और परिवार आधारित आर्थिक गतिविधियां हैं।
RSS को समझने के लिए संघ का हिस्सा बनकर उसका अनुभव लेना जरूरी है। RSS को केवल सतही रूप से समझा जाए, तो उसे गलत तरीके से भी समझा जा सकता है। संघ इस बात पर जोर देता है कि राष्ट्र के विकास में नागरिकों की भूमिका अहम होती है, जबकि सरकारें, राजनीतिक दल और नेता अपनी भूमिका निभाते हैं।
संघ का सिद्धांत है- व्यक्ति का विकास, ताकि श्रेष्ठ राष्ट्र निर्माण हो सके। RSS की परिकल्पित ‘पंच परिवर्तन’- इसमें पारिवारिक जागरण (भजन आदि), पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य शामिल हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) चीफ मोहन भागवत ने 17 जनवरी को मुंबई में कहा था कि धर्म ही मुझे और नरेंद्र मोदी को धर्म ही चला रहा है। उन्होंने कहा कि धर्म पूरे ब्रह्मांड का चालक है। जब सृष्टि अस्तित्व में आई, तो उसके कामकाज को कंट्रोल करने वाले नियम धर्म बन गए। सब कुछ उसी सिद्धांत पर चलता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत को अपने संतों और ऋषियों से मार्गदर्शन मिलता रहा है। जब तक ऐसा धर्म भारत को चलाएगा, वह विश्वगुरु बना रहेगा।




