— 20 दिनों में पदाधिकारियों से होगा सीधा संवाद
– नागपुर में फिर गूंजेगा “कमल” का नारा, भाजपा ने शुरू की माइक्रो-प्लानिंग
नागपुर :- भारतीय जनता पार्टी ने नागपुर नगर निगम चुनाव की तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। पार्टी ने आगामी 20 दिनों में सभी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत पार्टी की रणनीति “बूथ से लेकर वार्ड तक” संगठन को मज़बूत करने पर केंद्रित होगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा की यह माइक्रो-प्लानिंग पूरी तरह चुनावी तैयारी का हिस्सा है। प्रत्येक मंडल में वरिष्ठ नेताओं की बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जहाँ 2017 के चुनावी अनुभवों की समीक्षा के साथ-साथ मौजूदा सामाजिक समीकरणों पर भी चर्चा की जा रही है। भाजपा ने 2017 में नागपुर नगर निगम में अकेले दम पर बहुमत हासिल करते हुए सत्ता पर काबिज़ हुई थी। लेकिन ओबीसी आरक्षण से जुड़ी कानूनी अड़चनों के कारण पिछले साढ़े तीन साल से चुनाव टलते रहे और फिलहाल नगर निगम में प्रशासक शासन लागू है।
अब जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद चुनावी प्रक्रिया की संभावनाएँ बन रही हैं, भाजपा ने समय रहते संगठन को सक्रिय करने की रणनीति बनाई है। शहर अध्यक्ष और प्रमुख पदाधिकारी वार्ड स्तर पर जाकर कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे और चुनावी मुद्दों पर उनका मार्गदर्शन करेंगे। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, “हमारा फोकस इस बार भी ग्राउंड कनेक्ट पर है। हर बूथ पर कार्यकर्ता सक्रिय रहेंगे और जनता से सीधा संवाद हमारी ताकत बनेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह “माइक्रो-प्लानिंग” नागपुर में भाजपा के लिए निर्णायक साबित हो सकती है, खासकर तब जब विपक्षी दल कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) भी अपनी जमीन मज़बूत करने की कोशिशों में जुटे हैं।




