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बीएलओ का मानदेय बढ़ा: अब मिलेगा 6,000 रुपये, पर्यवेक्षकों को 12,000 रुपये

– चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: मतदान कर्मियों के पारिश्रमिक में लंबी मांग के बाद बढ़ोतरी

नागपुर :- राज्य सरकार ने चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर नियुक्त मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के पारिश्रमिक में 1,००० रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया है. अब उन्हें 6,००० रुपये मिलेंगे. मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारी पर्यवेक्षकों का पारिश्रमिक 6,००० रुपये से दोगुना करके 12,००० रुपये कर दिया गया है. पिछले कुछ वर्षों से इसकी मांग की जा रही थी. 26 सितंबर, 2०19 के सरकारी निर्णय और केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, केंद्रीय स्तर के अधिकारियों को उनके निर्धारित मतदान क्षेत्रों में घर-घर जाकर सत्यापन करने के लिए प्रति वर्ष 6,000 रुपये का मानदेय और 1,००० रुपये वार्षिक का विशेष प्रोत्साहन मानदेय दिया जा रहा था. बीएलओ निम्नलिखित कार्य करते हैं : पंजीकरण, आयोग के निर्देशों के अनुसार मतदाताओं की विशेष जानकारी एकत्र करना, मतदाता सूचियों में सुधार करने में मतदाता पंजीकरण अधिकारियों की सहायता करना, मतदाता पर्चियाँ वितरित करना और मतदान के दिन मतदान केंद्र पर उपस्थित रहना. चुनाव प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण अंग के रूप में, बीएलओ को 2०14 के सरकारी निर्णय के अनुसार 5,००० रुपये का मानदेय मिलता था. इसे बढ़ा दिया गया है.

दस बीएलओ के पीछे एक सुपरवाइजर

कार्यों की निगरानी और मूल्यांकन के लिए प्रत्येक दस बीएलओ पर एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. उन्हें अपने मूल कार्यालय का कार्यभार संभालते हुए ये कार्य करने होंगे. इसलिए चुनाव आयोग ने उनके पारिश्रमिक में वृद्धि के निर्देश दिए हैं. सभी निर्वाचन क्षेत्रों में कार्यरत मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारियों और मतदान केंद्र स्तरीय पर्यवेक्षकों के पारिश्रमिक में वृद्धि की गई है. यह वृद्धि केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देशानुसार की गई है और संशोधित पारिश्रमिक एक सितंबर से लागू हो गया है, ऐसा आदेश में स्पष्ट किया गया है.


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