– अवैध होर्डिंग्स पर सख्त रवैया : मनपा आयुक्त से मांगा हलफनामा
नागपुर :- अवैध होर्डिंग्स को लेकर दिनेश नायडू द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने शहर में लगे अवैध होर्डिंग्स के मामले में मनपा के ढुलमुल रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई. साल 2010 से लंबित इस याचिका (लगभग 16 वर्षों से) पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की कि कई आदेशों के बावजूद मनपा के अधिकारियों ने अब तक आदेशों का कड़ाई से पालन नहीं किया. अतः मनपा आयुक्त को हलफनामा प्रस्तुत करने के आदेश दिए, याचिकाकर्ता की ओर से अधि. तुषार मंडलेकर और मनपा की ओर से अधि. सुधीर पुराणिक ने पैरवी की.
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि आज भी शहर के कई चौराहों पर विशालकाय अवैध होर्डिंग्स आसानी से देखे जा सकते हैं और मनपा अधिकारियों द्वारा उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. यह बात सामने आई है कि कुछ चुनिदा व्यक्तियों ने ही 50 से 100 तक होर्डिंग्स (विशेषकर शीतकालीन सत्र के दौरान) लगा रखे हैं. इसके बावजूद संबंधित लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई. अदालत ने कहा कि अधिकारियों द्वारा इन अवैध होर्डिंग्स को लगाने की छूट देना सीधे तौर पर अदालत के आदेशों की अवहेलना है.
नोटिस भेजने में भी बरती गई कोताही
सुनवाई में यह तथ्य भी उजागर हुआ कि 200 से अधिक डिफॉल्टर होने के बावजूद अब तक केवल 116 लोगों को ही नोटिस जारी किए गए है.
याचिकाकर्ता के वकील तुषार मंडलेकर ने अदालत के संज्ञान में लाये कि 10 दिसंबर के स्पष्ट आदेश के बावजूद निगम ने अभी तक सभी उल्लघनकर्ताओं को नोटिस जारी नहीं किए.
अदालत ने कहा कि मनपा इस मामले की गंभीरता से नहीं ले रही है और यदि यही रवैया रहा ती अधिकारियों के खिलाफ सीधे कार्रवाई शुरू की जा सकती है.

