Wednesday, April 29, 2026
spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

नागपुरवासियों सावधान! रोज़ाना ढाई सिगरेट के बराबर नुकसान दे रही शहर की हवा

नागपुर :- नागपुर में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ता जा रहा है और इसका सीधा असर नागरिकों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। शहर का वार्षिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 147 दर्ज किया गया है, जो सुरक्षित सीमा से काफी अधिक है। वर्ष 2020 के बाद से हवा की गुणवत्ता में 40.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, नागपुर की हवा में सांस लेना रोज़ाना लगभग ढाई सिगरेट पीने के बराबर नुकसान पहुंचा रहा है। यह चौंकाने वाला खुलासा क्रिम्स अस्पताल द्वारा जारी रिपोर्ट में हुआ है। अस्पताल ने राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान समेत अन्य संस्थाओं के अध्ययनों का हवाला देते हुए बताया कि दोपहर के समय AQI करीब 95 रहता है, जबकि रात और सुबह के समय यह बढ़कर 173 तक पहुंच जाता है। जबकि सुरक्षित स्तर 50 माना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, सूक्ष्म कण (PM 2.5) का स्तर विश्व स्वास्थ्य मानकों से 6.8 गुना अधिक पाया गया है। जहां इसकी सुरक्षित सीमा 0 से 12 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर है, वहीं नागपुर में यह स्तर काफी ज्यादा दर्ज किया गया है। रामदासपेठ स्थित क्रिम्स अस्पताल के अनुसार, खांसी, सीने में जकड़न, घरघराहट और सांस फूलने की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हर महीने लगभग एक हजार मरीज दर्ज हो रहे हैं, जिनमें से 20 प्रतिशत से अधिक मरीज वायु प्रदूषण से संबंधित बीमारियों से पीड़ित हैं। अस्पताल के प्रमुख डॉ. अशोक अरबट ने बताया कि AQI 100 के पार जाते ही अस्थमा और फेफड़ों की पुरानी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। सूक्ष्म कण फेफड़ों में जाकर सूजन और अटैक का कारण बनते हैं। बुजुर्गों और बच्चों में इसका असर ज्यादा गंभीर होता है।

प्रदूषण के मुख्य कारण

शहर में वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण का प्रमुख कारण है। इसके अलावा फ्लाईओवर, सीमेंट सड़कों और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल 25 से 35 प्रतिशत तक प्रदूषण बढ़ा रही है। सड़क की धूल की हिस्सेदारी 15 से 19 प्रतिशत बताई गई है। कचरा और कृषि अवशेष जलाना भी प्रदूषण में इजाफा कर रहा है।

बचाव के उपाय

डॉ. अरबट ने नागरिकों को सलाह दी है कि बाहर निकलते समय N-95 या N-99 मास्क का उपयोग करें। सुबह 7 से 10 बजे और शाम 6 से 9 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। घर में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें और खिड़कियां बंद रखें। रसोई में उचित वेंटिलेशन बनाए रखें, एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लें और अधिक पानी पिएं। साथ ही धूम्रपान से दूर रहें, साइकिल का उपयोग बढ़ाएं और कचरा जलाने से बचें।

उन्होंने कहा कि नागपुर में वायु प्रदूषण अब एक गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल बनता जा रहा है, जिससे निपटने के लिए प्रशासन और नागरिकों को मिलकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.