– घोटाले का पर्दाफाश
– अन्य आरोपियों के खातों में की रकम ट्रांसफर, 11 के खिलाफ मामला दर्ज
अमरावती :- अमरावती के गाडगेनगर क्षेत्र में एक बड़ा बैंक घोटाला सामने आया है, जिसमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक अंधिकारी पर करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगा है। यह मामला रविवार, 29 मार्च की शाम को उजागर हुआ, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। इस मामले में पुलिस ने प्रबंधक सहित कुल 11 आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। आरोपियों के नाम माऊली उध्दवराव लांगे, अंकित शर्मा, स्वप्निल डोले, राजेश डोंगरे, अमोल लांगे और अभिजीत भनग (सभी निवासी अमरावती) हैं। शिकायतकर्ता का नाम सुनील देवस्वरूप पांडेय (49, तिवसा) है। जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी माऊली उध्दवराव लांगे गाडगेनगर स्थित बैंक शाखा में सहायक महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत था। उसने अन्य आरोपियों के साथ मिल कर 23 फरवरी 2022 से 11 फरवरी 2025 के बीच बैंक के विभिन्न फंड से कुल 2 करोड़ 95 लाख 49 हजार 241 रुपये का गबन किया। आरोपी ने बैंक के खचों के नाम पर फर्जी एंट्री कर रकम को ऑनलाइन तरीके से अन्य आरोपियों के खातों में ट्रांसफर किया। इस घोटाले में शामिल कुछ आरोपी प्रिंटिंग यूनिट से जुड़े हैं। अन्य आरोपियों में करीबी रिश्तेदार व दोस्त शामिल हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब तीन महीने पहले यह जानकारी नागपुर स्थित बैंक के मुख्य कार्यालय तक पहुंची। इसके बाद तिवसा शाखा के प्रबंधक सुनील पांडेय को जांच सौंपी गई। विस्तृत ऑडिट में घोटाले की पुष्टि होने पर उन्होंने गाडगेनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।








