– 31 अगस्त तक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
नागपुर :- जिला परिषद स्कूलों में कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता अब साफ हो गया है। शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया में एकरूपता लाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) या केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, चालू वर्ष की पदोन्नति प्रक्रिया 31 अगस्त तक पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं।
स्कूली शिक्षा विभाग ने इस संबंध में शासन निर्णय जारी किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने 1 सितंबर 2025 को पदोन्नति के लिए टीईटी या सीटीईटी उत्तीर्ण होना आवश्यक होने का निर्णय दिया था। इसके अनुसार राज्य में विस्तार अधिकारी, केंद्र प्रमुख, मुख्याध्यापक और स्नातक शिक्षक जैसे पदों पर पदोन्नति देते समय टीईटी या सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की सेवा ज्येष्ठता के आधार पर विचार करने के निर्देश दिये गये थे। पदोन्नति के लिए 1 सितंबर 2025 की पात्रता को आधार मानते हुए इसी तारीख की वरिष्ठता सूची के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश शिक्षा संचालक ने 14 मई के परिपत्र के माध्यम से दिए थे। हालांकि, उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 10 जुलाई को दिए अपने फैसले में शिक्षा संचालक के 14 मई के परिपत्र को रद्द कर दिया था। इसके बाद राज्य में शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया ठप हो गई थी।
टीईटी-सीटीईटी के साथ अनुभव भी जरूरी
इस पृष्ठभूमि में स्कूली शिक्षा विभाग ने अब स्पष्ट किया है कि टीईटी या सीटीईटी उत्तीर्ण होने के साथ-साथ सेवा नियमों के अनुसार आवश्यक अनुभव रखने वाले शिक्षकों को ही पदोन्नति के लिए पात्र माना जाएगा। पदोन्नति सेवा ज्येष्ठता के आधार पर की जाएगी।
शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई 2026 से पहले जिन जिला परिषदों में पदोन्नति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन सभी पदोन्नतियों को संरक्षण दिया जाएगा। जिन स्थानों पर पदोन्नति के आदेश जारी हो चुके हैं, वहां पदोन्नति प्रक्रिया पूरी हुई मानी जाएगी। नए शासन निर्णय के बाद जिला परिषद स्कूलों में लंबे समय से अटकी प्राथमिक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं।





