– क्या दिल्ली के राहुल-प्रियंका गांधी प्रकरण जैसी स्थिति दोहराई गई?
नागपुर :- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुधवार को नागपुर शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस की ओर से लोकभवन के सामने प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद राजभवन की ओर मार्च निकालने की कोशिश कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील केदार समेत कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।इप्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।
इइप्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुनील केदार, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अश्विन बैस, अवंतिका लेकुरवाडे, कुंदा राऊत, वैष्णवी भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही केंद्र सरकार पर मामले को संभालने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद जब कार्यकर्ताओं ने राजभवन की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया, तब पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बन गई। इसके बाद पुलिस ने सुनील केदार सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों से वहां से हटाया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को खींचकर हिरासत में लिया। वहीं, इस प्रदर्शन के कारण लोकभवन क्षेत्र में कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे स्थिति सामान्य होने के बाद बहाल कर दिया गया। सुनील केदार ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई और नीट परीक्षा मामले को लेकर केंद्र सरकार के विरोध में कांग्रेस का आंदोलन आगे और तेज किया जाएगा।





