– आगरा का आरोपी गिरफ्तार, युवती को पैसों का लालच देकर दर्ज करवाई झूठी शिकायत
नागपुर :- एक व्यक्ति को झूठे दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में फंसाकर उससे तीन करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने की साजिश का तहसील पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी आदित्य सुरेशचंद्र गुप्ता (30) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक 19 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर युवती को पांच लाख रुपये देने का लालच देकर राजस्थान निवासी इरफान अली (32) के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करवाई थी।
पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को युवती की शिकायत पर तहसील पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मीका ऐप के माध्यम से संपर्क में आए व्यक्ति ने नौकरी दिलाने का लालच देकर युवती से दोस्ती की और बाद में उसे वर्चुअल सेक्स के लिए प्रेरित कर मोबाइल पर स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग करने का आरोप लगाया गया था। इस शिकायत के आधार पर इरफान अली सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने युवती के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सबूतों की पड़ताल शुरू की। इसी दौरान युवती के साथ मौजूद आदित्य गुप्ता पुलिस की पूछताछ में हस्तक्षेप करने लगा और जांच से संबंधित जानकारी देने का प्रयास करने लगा। उसने राजनीतिक हस्तियों, वरिष्ठ अधिकारियों और कॉर्पोरेट क्षेत्र में अपनी पहचान होने का भी हवाला दिया। इससे पुलिस को संदेह हुआ और युवती से अलग से पूछताछ की गई।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में युवती ने इरफान अली को पहचानने और मीका ऐप के माध्यम से उससे बातचीत होने से इनकार किया। उसने बताया कि आदित्य गुप्ता के कहने पर ही उसने शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और आदित्य को गिरफ्तार कर लिया।
पांच लाख का लालच, तीन करोड़ वसूलने की योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि आदित्य ने युवती को पांच लाख रुपये देने का लालच देकर इरफान अली को झूठे आपराधिक मामले में फंसाने की योजना बनाई थी। पुलिस को संदेह है कि फर्जी सबूत तैयार कर इरफान से तीन करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने की साजिश रची गई थी।
पुणे और दिल्ली में भी दर्ज हैं मामले
पुलिस के मुताबिक, आदित्य गुप्ता के खिलाफ पुणे के चंदननगर और दिल्ली में भी रंगदारी से संबंधित मामले दर्ज हैं। पुणे के एक मामले में वह येरवडा केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में था। नागपुर के तहसील पुलिस थाने में दर्ज मामले की जांच के लिए उसे प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाया गया।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में मोबाइल में कई लोगों से संबंधित अश्लील वीडियो और चैट मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि इनका इस्तेमाल लोगों को ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने के लिए किया जा सकता था। फिलहाल तहसील पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।








