– हर घर नल योजना को लेकर उठ रहे सवाल
सिहोरा (भंडारा) :- तुमसर तहसील के तहत आने वाले आदिवासी बहुल सक्करदरा गांव में जल जीवन मिशन के तहत शुरू की गई हर घर नल योजना ग्रामीणों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रही है। नागरिकों को जलापूर्ति के लिए गांव में बना जलकुंभ दो साल बाद भी अधूरा और पूरी तरह सूखा पड़ा है। इसके कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सक्करदरा गांव में ग्राम पंचायत न होने से 10 किमी. दूरी पर स्थित धुटेरा ग्राम पंचायत से कामकाज चलता है। आदिवासी बहुल सक्करदरा गांव में शुद्ध पेयजलापूर्ति के उद्देश्य से गांव में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना को मंजूरी दी गई थी। इस योजना के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार 16 लाख 90 हजार 330 रुपए की लागत से कार्य स्वीकृत हुआ था, जिसे 30 सितंबर 2021 को मंजूरी मिली। इसके अंतर्गत गांव में जलकुंभनिर्माण और अन्य कार्य शुरू करने के लिए कार्यरंभआदेश 26 दिसंबर 2022 को दिया गया था। गांव में कुआं निर्माण करने के लिए 95 हजार रुपए, पंपहाऊस 58 हजार, अंडरग्राउंड पाइपलाइन 21 हजार, पंपिंग मशीनरी 87 हजार, जलकुंभ 7 लाख 13 हजार रुपए और वितरण नलिका 3 लाख 76 हजार रुपए तथा योजना चलाने के लिए 78 हजार रुपए का निधि आरक्षित रखा गया है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार योजना की समाप्ति तिथि 29 दिसंबर 2023 तय थी, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो जलकुंभ तैयार हुआ और न ही ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंच पाया। इससे गांव में भारी असंतोष व्याप्त है।
गुट ग्राम पंचायत की मांग
गांव में पानी की टंकी का काम अधूरा है और अन्य कार्य भी पूरे नहीं हुए है। जल जीवन मिशन योजना गांव में असफल साबित हो रही है। गांव में ग्राम पंचायत नहीं होने से कार्य जल्द नहीं हो रहे हैं। घानोड़ और सक्करदरा दोनों गांव मिलकर गुट ग्राम पंचायत की मांग की है।




