– मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, 9 अगस्त को नागपुर में होगा बड़ा आयोजन
नागपुर :- संयुक्त राष्ट्र की मान्यता के अनुसार हर वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर महाराष्ट्र में 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग मुख्यमंत्री से की गई है। इस संबंध में शासन को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि आदिवासी समाज का समृद्ध इतिहास, संस्कृति, परंपरा और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सार्वजनिक अवकाश नहीं होने के कारण विद्यार्थी, कर्मचारी, अधिकारी और नागरिक आदिवासी दिवस के कार्यक्रमों में अपेक्षित रूप से शामिल नहीं हो पाते। इसलिए समाज की अस्मिता, संस्कृति और परंपराओं के सम्मान में 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। इसी क्रम में 9 अगस्त को नागपुर के विधानभवन परिसर स्थित गोंड राजा बख्त बुलंद शाह की प्रतिमा के पास विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन किया जाएगा। इसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से आदिवासी समाज के युवक-युवतियां, महिलाएं, विद्यार्थी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। ज्ञापन पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद भीमा मसराम, नागपुर शहराध्यक्ष नयन गेडाम, प्रवीण कौरेती, प्रवीण श्रीरामे और सौरभ पेंदाम के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से मांग पर सकारात्मक विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। इसके अलावा आयोजकों ने आदिवासी समाज के लोगों, सामाजिक संगठनों, युवक-युवतियों, महिलाओं और विद्यार्थियों से बड़ी संख्या में नागपुर पहुंचकर विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है।





