– सितंबर में मिले थे 46 मामले, स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या घटी
नागपुर :- शहर में जलसंकट की आशंका के चलते घरों में पानी जमा करके रखने की प्रवृत्ति बढ़ने के बीच डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अक्टूबर के पहले 18 दिनों में ही डेंगू के 72 मामले सामने आए हैं, जबकि सितंबर में पूरे महीने के दौरान 46 मरीज मिले थे। दूसरी ओर, स्वाइन फ्लू के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नागपुर में जनवरी से अब तक डेंगू के कुल 180 मामले सामने आए हैं। इनमें से 72 मामले अक्टूबर के पहले 18 दिनों के हैं। बारिश नहीं होने के बावजूद मरीजों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पानी की कमी की आशंका के चलते घरों में पानी जमा करके रखना डेंगू के प्रसार का कारण बन सकता है। खुले बर्तनों और टंकियों में जमा साफ पानी में एडीज मच्छर पनप सकते हैं, जो डेंगू फैलाते हैं। ऐसे में पानी के बर्तनों को ढंककर रखना और उनकी नियमित सफाई करना जरूरी है। घरों के आसपास जमा पानी को भी हटाने की सलाह दी गई है।
स्वाइन फ्लू के मामलों में गिरावट
डेंगू के विपरीत स्वाइन फ्लू के मामलों में कमी आई है। सितंबर में स्वाइन फ्लू के 128 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि अक्टूबर के पहले 18 दिनों में यह संख्या घटकर 22 रह गई। जनवरी से अब तक शहर में स्वाइन फ्लू के कुल 229 मामले सामने आए हैं।
वहीं, सितंबर और अक्टूबर में अब तक कोविड-19 का कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ है। हालांकि, जनवरी से अब तक शहर में कोविड-19 के 17 मामले सामने आ चुके हैं।
इस साल अब तक के मामले
• डेंगू: जनवरी से अक्टूबर तक 180 मामले; अक्टूबर के पहले 18 दिनों में 72।
• स्वाइन फ्लू: जनवरी से अब तक 229 मामले; सितंबर में 128 और अक्टूबर के पहले 18 दिनों में 22।
• कोविड-19: जनवरी से अब तक 17 मामले; सितंबर और अक्टूबर में अब तक कोई नया मामला नहीं।
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए घरों और आसपास के क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करना, पानी के बर्तनों को ढंककर रखना और नियमित सफाई करना जरूरी है।








