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धान किसानों पर दोहरा संकट, लाल कीट का प्रकोप

– कम बारिश से पहले ही परेशान किसान, अब फसल की जड़ों पर मंडराया खतरा

सचिन चौरसिया,रामटेक :- रामटेक तहसील में धान उत्पादक किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कम बारिश के कारण पहले ही धान की फसल की वृद्धि प्रभावित हो रही है, वहीं अब कुछ गांवों में फसल पर ‘लाल केंचुआ’ जैसे दिखने वाले कीट का प्रकोप सामने आया है। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

कृषि विभाग के अनुसार, धान की फसल में पाए जाने वाले ये लाल रंग के कीट केंचुए जैसे दिखाई देते हैं और इनकी लंबाई करीब 18 मिमी तक होती है। बुआई के लगभग 40 दिनों तक ये कीट धान की नई एवं प्राथमिक जड़ों तथा अंकुरों को नुकसान पहुंचाते हैं। जड़ों के क्षतिग्रस्त होने से पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है। इसके चलते पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और जड़ें कमजोर व पतली हो जाती हैं। कई बार ये कीट पौधों की जड़ों के आसपास लिपटे हुए भी दिखाई देते हैं। बारिश की अनिश्चितता और कम वर्षा के बीच कीट के प्रकोप ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। कृषि विभाग ने किसानों से धान की फसल का नियमित निरीक्षण करने और कीट का प्रकोप दिखाई देने पर तत्काल कृषि अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है। किसान तहसील कृषि अधिकारी कार्यालय, रामटेक अथवा सहायक कृषि अधिकारी से मार्गदर्शन ले सकते हैं।

सरकार तत्काल सूखा घोषित करे

धान उत्पादक किसानों को इस वर्ष दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कम बारिश और फसल पर कीट के प्रकोप से किसानों की स्थिति चिंताजनक है। सरकार को किसानों की स्थिति को देखते हुए तत्काल सूखा घोषित करना चाहिए।

– सरफराज पौचातोड़, किसान.

कृषि विभाग ने बताया बचाव का उपाय

तहसील के कुछ क्षेत्रों में धान की फसल में लाल रंग के कीट कम मात्रा में पाए गए हैं। ये कीट जड़ों को नुकसान पहुंचाकर पौधों की वृद्धि रोक सकते हैं। चावल अनुसंधान केंद्र, सिंदेवाही द्वारा सुझाए गए उपाय अपनाकर फसल को होने वाले नुकसान को नियंत्रित किया जा सकता है।

-सुनील कोरटे,तहसील कृषि अधिकारी, रामटेक.

प्रकोप दिखे तो ये उपाय करें

कृषि विभाग के अनुसार, कीट का प्रकोप दिखाई देने पर सबसे पहले खेत का पानी 3 से 4 दिनों के लिए निकाल देना चाहिए। यदि पानी निकालना संभव न हो या प्रकोप अधिक हो, तो कृषि विभाग की सलाह के अनुसार पानी भरे खेत में कार्टैप हाइड्रोक्लोराइड 4 प्रतिशत दानेदार (10 किलोग्राम प्रति एकड़) या कार्बोफ्यूरान 3 प्रतिशत सीजी (10 किलोग्राम प्रति एकड़) में से किसी एक दानेदार कीटनाशक का उपयोग किया जा सकता है।


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