– प्रसव के बाद नवजात को सौंपा, चाइल्ड हेल्पलाइन ने कराया सुरक्षित
नागपुर :- सोशल मीडिया के जरिए हुई पहचान के बाद एक युवक द्वारा कथित तौर पर नाबालिग किशोरी का यौन शोषण किए जाने और उसके गर्भवती होने का मामला नागपुर में सामने आया है। प्रसव के बाद नवजात को परिवार के परिचित एक व्यक्ति को अवैध तरीके से सौंपे जाने की जानकारी मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग और इमामवाड़ा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। नवजात को सुरक्षित बरामद कर शिशुगृह में दाखिल कराया गया है।
प्राथमिक जांच के अनुसार, 16 वर्षीय किशोरी की सोशल मीडिया के माध्यम से मध्य प्रदेश के एक युवक से पहचान हुई थी। बाद में दोनों के बीच संबंध बने। किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद युवक ने कथित तौर पर उससे संपर्क तोड़ दिया। किशोरी ने डर के कारण शुरुआत में यह बात परिवार से छिपाई। बाद में परिवार को जानकारी मिलने पर उसे मेयो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 10 जुलाई 2026 को उसने बच्चे को जन्म दिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल में भर्ती कराते समय किशोरी की वास्तविक उम्र छिपाने के लिए डुप्लीकेट आधार कार्ड तैयार कर उसकी उम्र अधिक दर्शाई गई थी।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि परिवार ने पुलिस को सूचना दिए बिना सामाजिक बदनामी के डर से नवजात को परिचित परिवार के हवाले कर दिया था। इसकी जानकारी चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। इमामवाड़ा पुलिस की मदद से चलाए गए अभियान में नवजात का पता लगाया गया और उसे सुरक्षित रूप से शिशुगृह में दाखिल कराया गया। फिलहाल उसकी आवश्यक देखभाल की जा रही है।
युवक के खिलाफ पॉक्सो में कार्रवाई
मध्य प्रदेश के संदिग्ध युवक के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। किशोरी को कानूनी संरक्षण, समुपदेशन और पुनर्वास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठान के अनुसार, पूछताछ में किशोरी की मां ने बताया कि बच्ची को मेयो अस्पताल में भर्ती कराने के लिए उसका डुप्लीकेट आधार कार्ड बनवाया गया था और उसमें उसकी उम्र बढ़ाकर दिखाई गई थी।
कार्रवाई जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नितिन चरडे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जयवंत पाटिल के मार्गदर्शन में की गई। इसमें सहायक पुलिस निरीक्षक राजश्री चंदापुरे, जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठान तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधि अनिकेत भिवगड़े और मीनाक्षी धडाड़े ने समन्वय किया।





