अमरावती :- नागपुर-अमरावती राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोजरी बाईपास पर लगे दिशा सूचक बोर्ड की गलती ने वाहन चालकों और गुरुदेव भक्तों को परेशान कर दिया है। बोर्ड पर दूरी गलत दिखाई गई है, जिससे भ्रम और तेज गति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोग प्रशासन की लापरवाही पर नाराज हैं और सुधार की मांग कर रहे हैं। नागपुर-अमरावती राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोजरी बाईपास के होटल साईं कृपा के पास लगे दिशा सूचक बोर्ड ने स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में नाराजगी पैदा कर दी है। बोर्ड पर “गुरुकुंज मोजरी – 3.50 किमी” दूरी दर्शाई गई है, जबकि वास्तविक दूरी केवल डेढ़ से दो किलोमीटर है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस गलत दूरी और बाईपास की प्रारंभिक खराब योजना के कारण वाहन चालक अक्सर भ्रमित हो जाते हैं और तेज गति से मोड़ लेने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ रही है।एनएचएआई द्वारा लगाया गया यह साइनबोर्ड न केवल गलत दिशा दिखा रहा है, बल्कि बाईपास क्षेत्र में यातायात अव्यवस्था और दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ा रहा है।
पिछले कुछ महीनों में इस सड़क पर दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि देखी गई है, स्थानीय लोग बताते हैं कि औसतन हर सप्ताह एक से दो दुर्घटनाएँ होती हैं। खासकर रात के समय, अंधेरा और खराब योजना के कारण वाहन चालकों को सही रास्ता ढूँढ़ने में दिक्कत होती है। इसके अलावा, राजमार्ग के किनारे एक लोहे का पुल पिछले कई महीनों से पड़ा है, जो प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है।स्थानीय दलों और संगठनों ने एनएचएआई अधिकारियों को कई बार ज्ञापन देकर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी चिह्न और सही दिशासूचक चिह्न लगाने की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नागरिक इस स्थिति को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।




