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पूर्व नक्सली भूपति ने नक्सलियों से हथियार छोड़ने की अपील

गडचिरोली :- आंध्र–छत्तीसगढ़ सीमा के मारेदुमिली जंगल में मंगलवार को सुरक्षाबलों ने कुख्यात माओवादी कमांडर माडवी हिडमा और छह अन्य नक्सलियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। हिडमा की मौत के बाद पूर्व नक्सली और पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल भूपति उर्फ़ सोनू दादा ने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की, साथ ही संविधान के दायरे में मुद्दों को सुलझाने का संदेश दिया। 18 नवंबर को छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर एक एनकाउंटर में नक्सल संगठन के सबसे कुख्यात कमांडर और सेंट्रल कमेटी मेंबर माड़वी हिडमा, उसकी पत्नी राजे और छह दूसरे मेंबर मारे गए। हिडमा, जो पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी बटालियन नंबर 1 का हेड था, डंडाकारों के लिए बहुत बड़ा डर था।

इस घटना के बाद, नक्सल आंदोलन के एक समय के टॉप लीडर मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति उर्फ अभय, जो नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा में आ गए हैं, ने 19 नवंबर को एक बहुत ही इमोशनल वीडियो मैसेज जारी किया है। उन्होंने सीधे अपने पुराने साथियों से अपील करते हुए कहा है, ‘बंदूकों के रास्ते हमने बहुत कुछ खोया है, इससे कुछ हासिल नहीं हुआ है। इसलिए अब अपने हथियार नीचे रखो और मुख्यधारा में आओ।’ हिडमा की मौत से नक्सली लीडरशिप में एक बहुत बड़ा खालीपन आ गया है। इस मुश्किल हालात में, माओवादी के पूर्व प्रवक्ता और टॉप लीडर भूपति ने अपने पुराने साथियों से बातचीत की है और दिल से अपील की है कि ‘हिंसा छोड़ो, संविधान का रास्ता अपनाओ’। उनका कहना है कि नक्सली आंदोलन में मौजूदा हालात बहुत चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि ‘बंदूक से कुछ हासिल नहीं हुआ है, सिर्फ़ बेगुनाहों की जानें जा रही हैं,’ उन्होंने एक बार फिर नक्सलियों से खुद को समझने की अपील की है। भूपति ने साफ़ शब्दों में अपनी बात कही, “दुनिया तरक्की कर रही है, देश बदल रहा है। असली ताकत संविधान में है, बंदूक में नहीं।” अब लोगों की समस्याओं से संवैधानिक दायरे में ही लड़ना होगा।

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