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फुटाला हत्याकांड: कुख्यात ‘जंगली पांडे’ गैंग पर मकोका लागू

नागपुर :- फुटाला क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या मामले में कुख्यात जितेंद्र उर्फ ‘जंगली’ शिवाकांत पांडे और उसके गैंग के खिलाफ पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि गैंग सरगना पांडे, उसके तीन साथियों और चार नाबालिग बालकों ने आपराधिक साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस के अनुसार, 29 जून 2026 की शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच फरियादी सलमान इशाक शेख (35) अपने दोस्तों के साथ गिट्टीखदान थाना क्षेत्र स्थित फुटाला तालाब से वायुसेना मार्ग पर भुट्टे के ठेले के पास खड़े थे। इसी दौरान योगेंद्र उर्फ लाला शिवाकांत पांडे (20) और उसके साथी वहां आ धमके और उनके बीच विवाद होने लगा। विवाद के बाद योगेंद्र और उसके साथियों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में असद खान और मयूर जाधव गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए डॉ. दंदे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान असद खान की मौत हो गई। इस मामले में गिट्टीखदान पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जितेंद्र उर्फ जंगली शिवाकांत पांडे (25), दीपक उर्फ प्रिंस मनोज गुप्ता (19) और योगेंद्र उर्फ लाला शिवाकांत पांडे (20) को गिरफ्तार किया था। साथ ही चार नाबालिग बालकों को भी हिरासत में लिया गया।

जांच में सामने आया कि जितेंद्र उर्फ जंगली पांडे इस गैंग का सरगना है। उसके और गैंग के अन्य सदस्यों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, अवैध हथियार रखने, महिला से छेड़छाड़, गाली-गलौज और अवैध शराब बिक्री जैसे गंभीर अपराध पहले से दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, गैंग की दहशत से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था। इसी आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी के बाद इस मामले में मकोका की धाराएं जोड़ी गईं।

मुख्य आरोपी जेल में

मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ जंगली पांडे सहित सभी आरोपी फिलहाल नागपुर के मध्यवर्ती कारागार में बंद हैं, जबकि चारों नाबालिग बालकों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। मामले की आगे की जांच सदर विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त कर रहे हैं।


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