– घरेलू गैस से होटल–ढाबे चल रहे थे, प्रशासन के विशेष अभियान में बड़ा खुलासा
– गैस नियमों की उड़ रही धज्जियां: ग्रामीण और शहरी इलाकों से सैकड़ों सिलेंडर पकड़े गए
नागपुर :- शहर में सिलेंडरों की कमी महसूस की जा रही है, वहीं यह भी सामने आया है कि बड़े पैमाने पर कालाबाजारी चल रही है. घरेलू गैस का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है. इसके साथ ही, जिला आपूर्ति विभाग और वितरण अधिकारी द्वारा हाल ही में किए गए निरीक्षण में 135 सिलेंडर जब्त किए है.
केंद्र सरकार के गैस नियामक नियमों के अनुसार, घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का वाणिज्यिक या औद्योगिक उद्देश्यों के लिए उपयोग कानून द्वारा प्रतिबंधित है. इसके बावजूद, होटलों, ढाबों, चाय की दुकानों, खानपान व्यवसायों, बेकरियों आदि जैसे कई स्थानों पर घरेलू गैस का उपयोग अभी भी किया जाता है.
जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर ने संबंधित विभागों को इस दुरुपयोग को रोकने के निर्देश दिए हैं और अब एक विशेष अभियान शुरू किया गया है. सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों से 1०9 सिलेंडर जब्त किए गए हैं.
सूत्रों ने बताया कि शहर में 26 सिलेंडर जब्त किए गए हैं. ये अभियान शहर के विभिन्न हिस्सों में चलाए गए हैं और यह अभियान जारी रहेगा.
व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का डिजाइन और कीमत अलग होती है, जो सुरक्षा की दृष्टि से भी आवश्यक है. घरेलू सिलेंडर गुप्त रूप से उपयोग किए जाते हैं, इसलिए उन्हें बैग से ढककर रखा जाता है. यह बहुत खतरनाक है. चार से पांच सिलेंडर एक ही जगह पर रखे जाते हैं और एलपीजी गैस पाइप के माध्यम से रसोई तक पहुंचाई जाती है. अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस पाइपलाइन के उचित रखरखाव न होने से रिसाव का खतरा बढ़ जाता है. एलपीजी गैस भारी होने के कारण नीचे बैठ जाती है. इसलिए सिलेंडर को चूल्हे से दूर रखना आवश्यक है.
जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी
व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए आपूर्ति करने वाली एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. उन पर जुर्माना लगाया जाएगा. इस संबंध में तेल कंपनियों के पास भी शिकायत दर्ज कराई गई है.
इस कार्रवाई में खाद्य निरीक्षण अधिकारी वैभव खेरकार, सागर चावरे, विनोद वागा, अंकुश गायकवाड़, विकास विन, दिलीप कुरुडकर का समावेश था. 14 व्यावसायिक सिलेंडर भी जब्त किए गए, लेकिन उनमें से कोई भी सिलेंडर नहीं मिला. रिफिलिंग एजेंसी को नोटिस भी भेजा गया है.




