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महाराष्ट्र निकाय चुनाव में गूंजा एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे का नारा

– नवनीत राणा ने कहा- न बाटेंगे और न काटेंगे

अमरावती :- राज्य में जारी निकाय चुनावों के माहौल में, “एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे” का नारा ज़ोरों से गूंज रहा है। यह नारा, महायुति की एकजुटता और राजनीतिक सुरक्षा के संदेश को मुखर कर रहा है। अमरावती की परतवाड़ा में एक चुनाव सभा के दौरान, पूर्व सांसद और भाजपा नेता नवनीत राणा ने इस नारे को बुलंद किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि “न काटेंगे और न बाटेंगे”, जिससे यह ज़ाहिर होता है कि महायुति का लक्ष्य बिना किसी आंतरिक कलह के एकजुट होकर चुनाव लड़ना और जीतना है। यह नारा और यह बयान आगामी चुनावों में गठबंधन की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। चुनावी एकजुटता पर ज़ोर देने के साथ ही, नवनीत राणा ने एक बेहद संवेदनशील और राष्ट्रीय मुद्दे पर भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर की धर्मध्वजा पर उठाए गए सवालों पर कड़ा हमला बोला। धर्मध्वजा पर जो लोग ऊँगली उठा रहे हैं, उनकी उँगलियाँ काट देनी चाहिए।

यह बयान न केवल श्रीराम मंदिर के प्रति उनके और भाजपा के रुख को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि राष्ट्रीय गौरव और धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों पर किसी भी बाहरी या आंतरिक हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका यह आक्रामक रुख मतदाताओं के बीच राष्ट्रवाद की भावना को मज़बूत करने का प्रयास है। महायुति का स्पष्ट संदेश: “एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे” नारा स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने और मतभेद भुलाकर चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित करता है।

हिंदुत्व का एजेंडा: श्रीराम मंदिर पर पाकिस्तान को दिया गया तीखा जवाब, भाजपा के मूल एजेंडे को मज़बूत करता है और मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को भावनात्मक रूप से जोड़ता है। चुनावों में ध्रुवीकरण: राणा का बयान स्थानीय निकाय चुनावों में भी राष्ट्रीय और धार्मिक मुद्दों को केंद्र में लाकर ध्रुवीकरण की रणनीति को हवा देता है।

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