– ढोल-ताशों की गूंज, भक्तिमय वातावरण में पंडालों में स्थापित हुईं मां नवदुर्गा की प्रतिमाएं
काटोल :–शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर नगर में नवदुर्गा महाधर्मोत्सव का आगाज़ भक्तिभाव एवं धार्मिक उत्साह के साथ हुआ। शहर के विभिन्न नवदुर्गा उत्सव मंडलों ने अपने-अपने पंडालों में माता रानी की प्रतिमाएं बाजे-गाजे, ढोल, ताशा, नगारों की गूंज के बीच विधि-विधान से स्थापित कीं।
सुबह से ही भक्तिमय माहौल का संचार हुआ। जगह-जगह शोभायात्राओं के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का स्वागत किया गया। पंडालों में भव्य सजावट, विद्युत प्रकाश व्यवस्था और फूलों की सुंदर साज-सज्जा ने भक्तों का मन मोह लिया।
मंडलों के स्वयंसेवकों ने भक्तों के लिए प्रसाद व जलपान की व्यवस्था की। महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में मंगलगीत गाए, वहीं युवा वर्ग ने ढोल-ताशों की ताल पर उत्साहपूर्वक सहभाग नोंदवाया।
*नवरात्रि का महत्व*
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना कर भक्त शक्ति, भक्ति और समृद्धि की कामना करते हैं। इन नौ दिनों तक नगर में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आरती का आयोजन प्रतिदिन होगा।
नवरात्र महोत्सव के अवसर पर काटोल नगरी भक्तिभाव से सराबोर हो गई है। श्रद्धालु बड़े उत्साह से मां दुर्गा के दर्शन हेतु पंडालों की ओर उमड़ रहे हैं।




