– ‘एनीमिया मुक्त भारत अभियान’ के तहत वितरण में लापरवाही? प्रशासन ने शुरू की जांच
चंद्रपुर :- चंद्रपुर की मोहर्ली तहसील के भामडेली गांव की जिला परिषद स्कूल में बुधवार को आयरन की एक साथ 6-6 गोलियां खाने से 19 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से 16 को गुरुवार दोपहर डिस्चार्ज कर दिया। 3 को आब्जर्वेशन में रखा गया है। शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। संबंधित गोलियों की भी जांच की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि यदि लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल में विद्यार्थियों को सप्ताह में एक दिन आयरन की पिंक टैबलेट दी जाती है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभियान के तहत विद्यार्थियों को आयरन सप्लीमेंट की गोलियां दी गई थीं। कुछ छात्रों ने निर्देशों की अनदेखी करते हुए एक साथ छह-छह गोलियां खा लीं, जिसके बाद उन्हें उल्टी, घबराहट और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। स्कूल प्रशासन ने तत्काल अभिभावकों और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी।
सभी 19 विद्यार्थियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद गुरुवार दोपहर 16 छात्रों को छुट्टी दे दी गई, जबकि 3 विद्यार्थियों को एहतियातन आब्जर्वेशन में रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। संबंधित आयरन गोलियों के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि समस्या अधिक मात्रा में सेवन के कारण हुई या दवा में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को किसी भी दवा का सेवन केवल निर्धारित मात्रा और शिक्षकों/स्वास्थ्य कर्मियों के निर्देशानुसार ही करने के लिए जागरूक करें। पिछले कुछ हफ्तों से गोलियां वितरित नहीं की गई थीं। एक छात्रा के विटामिन की टैबलेट मांगने पर शिक्षक ने उसे प्रत्येक विद्यार्थी को छह-छह गोलियां देने के लिए कहा। इसके बाद कई विद्यार्थियों ने एक साथ गोलियां खा लीं। बच्चों को रात में उल्टी, चक्कर और घबराहट जैसी शिकायतें होने लगीं। ग्रामीणों ने रात 10 बजे सभी प्रभावित विद्यार्थियों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जिला परिषद प्राथमिक शाला भामडेली में दो शिक्षक और एक महिला सहायिका है। इस संबंध में दोनों शिक्षकों से बात करने का प्रयास किया गया किंतु संपर्क नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि छात्रा के हाथ से गोलियां बंटवा दी गई थीं और बच्चों ने एक समय पर सभी 6 गोलियां खा ली और छोटे बच्चों को गोलियों का अधिक असर हो गया है। एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत सप्ताह में एक दिन स्कूली विद्यार्थियों को गोली दी जाती है। गोलियां खाने से तबीयत बिगड़ने पर बुधवार रात 19 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल सभी 19 बच्चों की हालत बेहतर है।




