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छात्रों का भरोसा लौटाना जरूरी’

– नीट-यूजी मामले में दिग्विजय सिंह का पीएम को पत्र, कहा- श्वेत पत्र करें जारी

मुंबई :- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है वह पिछले आठ वर्षों में एनटीए की ओर से आयोजित परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक या अनियमितताओं की घटनाओं कार्रवाई करे। इसके साथ ही दस्तावेजीकरण करते हुए एक श्वेत पत्र जारी करे।

शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने कहा कि ऐसे समय में, जब लाखों छात्र भारी दबाव में हैं, तब व्यवस्था में उनका विश्वास मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है, ’मैं आपसे एक बहुत ही जरूरी चिंता व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूं, जो पिछले कुछ हफ्तों में कई छात्रों ने मुझसे साझा की है। ऐसे समय में जब नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द हो गई है। इससे लाखों छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा है। उनके तनाव का मुख्य कारण यह है कि पिछले प्रश्नपत्रों के लीक होने मामले की जांच कैसे की गई है। इस बारे में स्पष्टता का अभाव है।

राज्यसभा सांसद ने कहा कि फिलहाल प्रश्नपत्र लीक से संबंधित मामलों पर सीबीआई, केंद्र और राज्य सरकारों की अन्य जांच एजेंसियों द्वारा उन पर की जा रही कार्रवाई का कोई समेकित सार्वजनिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। सिंह ने बताया कि आधिकारिक जानकारी के अभाव में कई रिपोर्टें और अफवाहें सामने आई हैं जिन्होंने उनकी जगह ले ली है।

सरकार एक श्वेत पत्र जारी करे

सिंह ने बताया कि जब दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई से अपनी क्लोजर रिपोर्ट के लिए लिखित स्पष्टीकरण मांगा, तो सीबीआई ने और समय मांगा। सिंह ने कहा कि सीबीआई द्वारा स्पष्टीकरण देने में देरी से भारत के छात्रों के बीच भी नकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने आगे कहा,’ भारत के छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन की क्षमता और तत्परता में नए सिरे से विश्वास जगाने के लिए मैं प्रस्ताव करता हूं कि भारत सरकार एक श्वेत पत्र जारी करे, जिसमें पिछले आठ वर्षों में एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुई पेपर लीक और/या अनियमितताओं की घटनाओं की सूची दर्ज हो’

क्लोजर रिपोर्ट क्यों दाखिल की गई

उन्होंने कहा कि श्वेत पत्र में एनटीए और जांच एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई की सूची भी होनी चाहिए, जिसमें प्रत्येक जांच के लिए गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम शामिल हों। चाहे वह चल रही हो या पूरी हो चुकी हो, और क्या जांच एजेंसी द्वारा आरोपपत्र या समापन रिपोर्ट दायर की गई है।’ सिंह ने कहा कि इसमें यह भी बताया जाना चाहिए कि क्लोजर रिपोर्ट क्यों दाखिल की गई होगी और साथ ही हर आरोपी की स्थिति रिपोर्ट और उनकी वर्तमान स्थिति (मुकदमा चल रहा है, जमानत पर है, दोषी ठहराया गया है, आदि) भी दी जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा ‘मुझे विश्वास है कि आप यहां उठाए गए मुद्दों पर उतनी ही जल्द ध्यान देंगे जितने वह हकदार हैं।


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