spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

दोबारा NEET परीक्षा देने की हिम्मत नहीं, छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, सुसाइड नोट से मचा हड़कंप

नागपुर :- मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए NEET की तैयारी कर रही 19 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में “दोबारा NEET परीक्षा देने की हिम्मत नहीं है” लिखे जाने के बाद इस घटना ने सभी को झकझोर दिया है। यह घटना 20 मई को नागपुर के पांढराबोडी क्षेत्र स्थित अजयनगर में सामने आई।

मृत छात्रा की पहचान स्नेहा उर्फ आकांक्षा कृष्णकुमार चतुर्वेदी (चौबे) के रूप में हुई है। उसका परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के नईगढ़ी तहसील के मगनिया गांव का रहने वाला है। पिछले कुछ वर्षों से परिवार नागपुर में रह रहा है। स्नेहा के पिता कृष्णकुमार चतुर्वेदी पेशे से रसोइया (आचारी) हैं। परिजनों के अनुसार, स्नेहा का सपना डॉक्टर बनने का था। इसके लिए वह नागपुर के एक कोचिंग संस्थान में NEET की तैयारी कर रही थी। 3 मई को हुई परीक्षा के बाद वह अपने प्रदर्शन को लेकर काफी आश्वस्त थी और उसे 650 से अधिक अंक मिलने की उम्मीद थी। उसके चाचा जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षा के बाद वह काफी सकारात्मक थी। हालांकि, परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक की खबरें सामने आने के बाद वह मानसिक तनाव में रहने लगी थी।

घटना वाले दिन दोपहर करीब 12 बजे उसकी मां नीलम ने उसे भोजन के लिए बुलाया, लेकिन उसने खाने से मना कर दिया और अपने कमरे में चली गई। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिवार को संदेह हुआ। इसके बाद उसके छोटे भाई राजा (12 वर्ष) ने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो स्नेहा फंदे से लटकी हुई दिखाई दी। परिजनों ने तुरंत दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

घटनास्थल से छात्रा के अध्ययन कक्ष में रखी एक सुसाइड नोट बरामद हुई। इसमें उसने लिखा कि उसे पहली परीक्षा में अच्छे अंक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब दोबारा NEET परीक्षा देने की हिम्मत नहीं है। नोट में उसने अपने माता-पिता से माफी भी मांगी है। इस मामले में अंबाझरी पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बेटी की पढ़ाई के लिए परिवार पर था कर्ज

स्नेहा के पिता कृष्णकुमार चतुर्वेदी अल्पभूधारक किसान होने के साथ-साथ नागपुर में रसोइए का काम भी करते थे। बेटी की पढ़ाई के लिए उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लगभग तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था। इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश स्थित कृषि भूमि और नागपुर का मकान भी गिरवी रखा गया था। परिजनों का कहना है कि परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद स्नेहा मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। उसे लगने लगा था कि उसकी पढ़ाई के कारण परिवार पर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया है। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया।

राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर जताई चिंता

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा की है। उन्होंने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और उससे छात्रों पर पड़ रहे मानसिक दबाव का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। साथ ही छात्रों में बढ़ते तनाव और आत्महत्या की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

Popular Articles