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यह आत्महत्या नहीं, भ्रष्ट तंत्र ने की हत्या…’

– राहुल गाँधी का केंद्र पर तीखा हमला

नई दिल्ली :- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के अभ्यर्थी के कथित आत्महत्या मामले को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बीच परीक्षा रद्द होने से छात्र अवसाद व संकट में था। यादव ने लखीमपुर खीरी के गंगोत्री नगर निवासी व नीट अभ्यर्थी ऋतिक मिश्रा की मौत पर दुख व्यक्त किया और उसके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि कथित प्रश्न पत्र लीक के कारण परीक्षा रद्द होने से मिश्रा बहुत परेशान थे और अवसाद व तनाव से जूझते हुए उन्होंने अपना जीवन समाप्त कर लिया। यादव ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। सपा प्रतिनिधिमंडल ने मिश्रा के परिवार के लिए 2 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग करते हुए लखीमपुर खीरी जिला मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन भी सौंपा। पार्टी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले अभ्यर्थियों के लिए यात्रा भत्ता मुआवजे के रूप में 50,000 रुपए और परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े संस्थानों, अधिकारियों और मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग की।

राहुल गांधी का तीखा हमला— ‘यह आत्महत्या नहीं, व्यवस्था द्वारा की गई हत्या है’

इससे पहले दिन में, कांग्रेस नेता राहुल गाधी ने अभ्यर्थी की मौत को सिस्टम द्वारा हत्या करार दिया और सवाल किया कि सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए ऐसी और कितनी मौतें होंगी। कांग्रेस नेता ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के 21 साल के ऋतिक मिश्रा और गोवा में एक छात्र की कथित आत्महत्या का उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री की जवाबदेही के लिए कितने ऋतिक को जान देनी होगी। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा। लखीमपुर खीरी के 21 साल के ऋतिक मिश्रा के ये आखिरी शब्द थे। तीसरी बार नीट देने वाला यह बच्चा, परीक्षा रद्द होते ही टूट गया। गोवा में भी एक नीट अभ्यर्थी ने जान दे दी। ये बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, इन्हें एक भ्रष्ट तंत्र ने मारा है। उन्होंने दावा किया कि यह आत्महत्या नहीं, यह व्यवस्था द्वारा की गई हत्या है।

11 साल में 148 घोटाले, सजा सिर्फ एक को’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आंकड़े देखिए, 2015 से 2026 तक 148 परीक्षा घोटाले हुए, 87 परीक्षाए रद्द हुईं और 9 करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ। 148 घोटालों में सिर्फ एक को सजा हुई। राहुल ने कहा कि सीबीआई ने 17 मामले लिए, ईडी ने 11 मामलों को जांच की, किसी को सजा नहीं। नीट, एआईपीएमटी और अन्य मेडिकल परीक्षाओं में अकेले 15 घोटाले हुए।उन्होंने कहा कि सबसे शर्मनाक बात है कि इन घोटालों में जिम्मेदार किसी अधिकारी या मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ।


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