– बोले वारकरी- वारी आलंदी से ही होगी, डटे दो लाख वारकरी
आलंदी :- महाराष्ट्र में अगले दो दिनों के लिए जारी रेड अलर्ट के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुरक्षा के मद्देनजर वारकरियों से आलंदी आने के बजाय सीधे पुणे पहुंचने की अपील की थी। हालांकि, इस अनुरोध के बावजूद राज्यभर से आए वारकरी अपनी पारंपरिक आषाढ़ी वारी आलंदी से ही शुरू करने के निर्णय पर अडिग रहे। वर्तमान में आलंदी की विभिन्न धर्मशालाओं और अस्थायी शिविरों में दो लाख से अधिक श्रद्धालु ठहरे हुए हैं।
मराठवाड़ा, उत्तर महाराष्ट्र सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पिछले दो दिनों से आलंदी पहुंच रहे हैं। लगातार बारिश और बाढ़ की आशंका के बावजूद वारकरी बिना किसी भय के अपनी सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। श्रद्धालु धर्मशालाओं और टेंटों में ठहरकर भजन-कीर्तन, हरिपाठ और संतों के अभंगों का गायन कर रहे हैं।आलंदी के स्थानीय युवाओं, नगर परिषद और देवस्थान समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भोजन, चाय-पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर, प्रदक्षिणा मार्ग, गोपालपुरा और वडगांव रोड पर पूरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। संत ज्ञानेश्वर महाराज की संजीवन समाधि मंदिर में दर्शन के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर पुलिस और देवस्थान के सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। बारिश के कारण शनि मंदिर मार्ग और भराव क्षेत्र में कीचड़ होने से श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। हालांकि, बुधवार को नगर परिषद चौक के एक पुल से बाढ़ का पानी उतरने के बाद यातायात आंशिक रूप से सामान्य हुआ। वहीं आलंदी-चऱ्होली बाईपास मार्ग भी सुबह से वाहनों के लिए खोल दिया गया। भारी बारिश के कारण मराठवाड़ा, कोंकण, पश्चिम महाराष्ट्र और मुंबई से आने वाली कई दिंडियां समय पर आलंदी नहीं पहुंच सकीं। माना जा रहा है कि ये दिंडियां अगले दो दिनों में पुणे और सासवड पड़ाव पर मुख्य वारी में शामिल होंगी।
वारी हमारी वर्षों पुरानी परंपरा है। पहले भी बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियां आई हैं, लेकिन प्रशासन पर हमें पूरा भरोसा है। थोड़ी असुविधा सह लेंगे, मगर वारी आलंदी से ही शुरू करेंगे। माउली की कृपा से हमें कोई कठिनाई महसूस नहीं हुई।
– राजन भिसे, वारकरी-नागपुर.




