– डिजिटल अरेस्ट की धमकी, 55 लाख ठगे
नागपुर :- मनी लॉन्ड्रंग और आतंकवाद से जुड़े होने का डर बताकर साइबर ठगों ने न्यायालय के सेवानिवृत्त लिपिक को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर 55 लाख रुपये का चूना लगा दिया. इस प्रकरण में साइबर पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है. पुलिस के अनुसार सोमवार को 67 वर्षीय सेवानिवृत्त लिपिक के वाट्सएप नंबर पर साइबर ठगों ने संपर्क किया. कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई पुलिस का निरीक्षक बताते हुए कहा कि मनी लॉन्ड्रंग की राशि उनके खाते में जमा हुई है और उस रकम का उपयोग आतंकवादियों द्वारा देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया गया है. उनके खिलाफ मामला दर्ज होने और गिरफ्तारी की धमकी दी गई. ठगों ने विश्वास दिलाने के लिए वाट्सएप पर एक फर्जी एफआईआर भी भेजी. कुछ समय बाद दोबारा संपर्क कर बताया गया कि मामला अब सीबीआई और ईडी को सौंप दिया गया है और जल्द ही गिरफ्तारी होगी. गिरफ्तारी से बचने और केस रद्द कराने के नाम पर पैसों की मांग की गई. डर के मारे लिपिक ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाकर साइबर ठगों द्वारा बताए गए बैंक खातों में अलग-अलग समय पर कुल 55 लाख रुपये जमा कर दिए. 2 दिनों तक पीड़ित को लगातार संपर्क में रखकर उसे घर से बाहर न निकलने और किसी से बात न करने की हिदायत दी गई. बाद में लगातार पैसों की मांग बढ़ने पर लिपिक ने अपने परिजनों को जानकारी दी और तब जाकर ठगी का खुलासा हुआ. पुलिस ने ठगों के बैंक खातों में जमा 5 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं. इसके साथ ही बाकी रकम की रिकवरी व आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है.




