– जिला न्यायालय और संविधान चौक पर आंदोलन
नागपुर :- दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फरासत के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार के विरोध में नागपुर के वकीलों ने प्रदर्शन किया। जिला न्यायालय परिसर के बाहर और संविधान चौक पर आयोजित प्रदर्शन में वकीलों ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने चेतावनी दी कि वकीलों का दमन और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फरासत को दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। फरासत ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनकी शर्ट फाड़ दी और उन्हें चलती बस में फेंक दिया। इस घटना से नागपुर के वकीलों में आक्रोश फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए पुलिस की कार्रवाई और केंद्र सरकार तथा प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा का आह्वान:
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अधिवक्ता निहाल सिंह राठौड़ ने कहा कि मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। फरासत के साथ कथित तौर पर किया गया व्यवहार देश में वकीलों को दबाने के प्रयासों को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘हम वकील डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के अनुयायी हैं। बाबासाहब ने अदालत के भीतर से ज्यादा लड़ाइयां अदालत के बाहर लड़ी थीं। अब हमें भी उसी रास्ते पर चलकर संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना होगा।‘
राठौड़ ने कानूनी समुदाय से एकजुट होकर संविधान और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने की अपील की। प्रदर्शन में जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष कमल सतुजा और रोशन बागड़े सहित पूर्व महासचिव नितिन देशमुख तथा कई अन्य अधिवक्ता शामिल हुए।








