– करेंगे कोहले का प्रचार, फडणवीस की मध्यस्थता सफल, व्यास भी वापस लेंगे इस्तीफा
नागपुर :- विधान परिषद की नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन सीट को लेकर भाजपा में चल रही नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल आखिरकार सफल रही। चुनाव में नामांकन दाखिल करने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक प्रा. अनिल सोले ने बगावती रुख छोड़ते हुए पार्टी के उम्मीदवार सुधाकर कोहले के प्रचार में काम करने की घोषणा की। वहीं, वरिष्ठ नेता गिरीश व्यास भी अपना इस्तीफा वापस लेंगे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसकी जानकारी दी। इस घटनाक्रम के बाद चुनावी मुकाबले को नया मोड़ मिला है। अब भाजपा के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के बीच सीधी टक्कर होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री फडणवीस सोमवार रात करीब 9 बजे लक्ष्मीनगर स्थित प्रा. अनिल सोले के निवास पर पहुंचे। उनके साथ पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक संजय कुटे, डॉ. उपेंद्र कोठेकर और सतीश धोंड भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री, पालकमंत्री और सोले के बीच करीब आधे घंटे तक चर्चा हुई। इसके बाद फडणवीस ने सोले की नाराजगी दूर होने की जानकारी दी। इस दौरान सोले भावुक हो गए और उन्होंने पार्टी के प्रचार में सक्रिय रूप से काम करने की बात कही। इससे पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने भी सोले से मिलने के लिए उनके घर के दो चक्कर लगाए थे, लेकिन उस समय उनकी मुलाकात नहीं हो सकी थी।
कार्यप्रणाली से नाराज थे सोले
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि प्रा. अनिल सोले की नाराजगी पार्टी से नहीं, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली से थी। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे सामने रखे और कहा कि निर्णय लेते समय लोगों को विश्वास में लिया जाना चाहिए। पार्टी की कार्यप्रणाली में आवश्यक बदलाव करने का आश्वासन देकर उनकी नाराजगी दूर की गई। सोले अब चुनाव की जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्टी से दूर हुए पुराने कार्यकर्ताओं को मुख्यधारा में लाने के लिए भी योजना बनाई जा रही है। फडणवीस ने बताया कि वरिष्ठ नेता गिरीश व्यास ने भी अपना इस्तीफा वापस लेने का निर्णय लिया है।
पुराने कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने का आश्वासन:
प्रा. अनिल सोले ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं उनसे आग्रह करने के लिए आए थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी उनसे चर्चा की थी। उन्होंने पार्टी की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी बात रखी। सोले के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पुराने कार्यकर्ताओं को सरकार या संगठन में जिम्मेदारी देने का भरोसा दिलाया है।
सोले ने स्पष्ट किया कि उनका नाम उम्मीदवारों की सूची में बना रहेगा, लेकिन वे यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि उनके नाम पर एक भी वोट न मिले। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि वे अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के बजाय पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के समर्थन में काम करेंगे।








