– प्रदर्शन की आजादी पर सवाल, राहुल की हाई-टी से विपक्ष की रणनीति पर नजर
नई दिल्ली :- दिल्ली में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में बंद किए जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी। अदालत ने प्रदर्शन के दौरान बाहरी लोगों के प्रवेश और प्रदर्शनकारियों को परेशान किए जाने के आरोपों से संबंधित एक अन्य याचिका पर भी सुनवाई करने की सहमति दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन को लेकर बड़ा फैसला लिया था। इसके बाद इस निर्णय को अदालत में चुनौती दिए जाने का मामला सामने आया है।
इस बीच, दिल्ली में ‘वोट चोरी’ और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में निकाले गए ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के बाद विपक्ष ने अपनी आगे की रणनीति तेज कर दी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज अपने सरकारी आवास पर इंडिया ब्लॉक के सांसदों, सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों के सदस्यों को हाई-टी यानी जलपान के लिए आमंत्रित किया है।
राजस्थान में विरोध प्रदर्शन की तैयारी:
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सोमवार को घोषणा की कि वह राजस्थान में अगले 10 दिनों के भीतर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। पार्टी के अनुसार, यह प्रदर्शन छात्र कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर हिरासत में लेने, नजरबंद करने और उनके साथ मारपीट किए जाने के विरोध में होगा।
इंडिया ब्लॉक के मार्च पर दिलीप घोष का निशाना:
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष देश में लोकतंत्र खत्म होने का आरोप लगाता है, जबकि उसके नेता सरकार, सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और लोकतंत्र का इस तरह दुरुपयोग करने के लिए कांग्रेस को सजा मिलेगी।
एसआईआर के विरोध में आज राजभवन मार्च
पटना में एसआईआर प्रक्रिया वापस लेने और बिहार तथा बंगाल में चुनाव रद्द करने की मांग को लेकर आज एआईएसए-आरवायए की ओर से राजभवन मार्च निकाला जाएगा। छात्र और युवा गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च करेंगे। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है। मार्च को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।








